प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एसएमसी पालिसी के तहत नियुक्त चार हजार से अधिक शिक्षकों के मानदेय में सरकार ने 20 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री के वायदे अनुसार अनुबंध नीति बनने के इंतजार में बैठे एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में 700 से 1200 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी कर सरकार ने शिक्षकों को चुनावी साल में झुनझुना थमा दिया है।
एसएमसी शिक्षकों को उम्मीद थी कि मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में सरकार नीति बनाने का फैसला लेगी। ऐसा नहीं होने से शिक्षकों में सरकार के प्रति भारी रोष है। एसएमसी शिक्षक संघ 24 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर अडिग है।
उधर, एसएमसी पालिसी के तहत नियुक्त शिक्षकों को अनुबंध पर लाने के आड़े आ रही दिक्कतों के चलते सरकार ने इन शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। अभी एसएमसी के तहत नियुक्त पीजीटी, टीजीटी और डीपीई को प्रतिमाह 7800 रुपये मानदेय मिल रहा है।
जानिए किसका कितना बढ़ा वेतन
शास्त्री, एलटी और ड्राइंग टीचर को 5850 रुपये जबकि जेबीटी को 4550 रुपये दिए जा रहे हैं। जमा एक और जमा दो कक्षा को पढ़ाने वाले पीजीटी को प्रति पीरियड 195 रुपये, नवीं और दसवीं कक्षा को पढ़ाने वाले पीजीटी को प्रति पीरियड 130 रुपये, डीपीई, टीजीटी को 130 रुपये, एलटी, शास्त्री, डीएम और जेबीटी को 97.50 रुपये दिए जा रहे हैं।
मंगलवार को कैबिनेट ने एसएमसी पालिसी के तहत नियुक्त जेबीटी के मानदेय में प्रतिमाह 700 रुपये, शास्त्री, एलटी और ड्राइंग शिक्षकों के मानदेय में प्रतिमाह 900 रुपये और टीजीटी-पीजीटी के मानदेय में 1200 रुपये की बढ़ोतरी की है। बीते मई महीने में ही सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में 30 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
ग्रामीण विद्या उपासकों का भी बढ़ा मानदेय
ग्रामीण विद्या उपासकों (ईजीएस) के मानदेय में भी सरकार ने 20 फीसदी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इसके अलावा लेफ्ट आउट 1378 पीटीए शिक्षकों को अनुबंध के बराबर वेतन, छुट्टियां और अन्य सुविधाएं देने का भी कैबिनेट में फैसला लिया गया। बैठक में जलवाहकों के खाली पद भरने को भी हरी झंडी दी गई।
मानदेय में बढ़ोतरी नहीं नीति बननी चाहिए
एसएमसी पीरियड बेसिस टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पितान और महासचिव मनोज रौंगटा का कहना है कि मानदेय में बढ़ोतरी करने से काम नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री को अपने वादे के अनुसार एसएमसी शिक्षकों के लिए नीति बनानी चाहिए।
बीते कई सालों से एसएमसी शिक्षक प्रदेश के दूरदराज स्थित स्कूलों में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। इन स्कूलों में नियमित शिक्षक पढ़ाने को तैयार नहीं है। विषम परिस्थितियों में भी एसएमसी शिक्षक सरकार के लिए कार्य कर रहे हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि 24 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। शिक्षक संघ अपने घेराव के फैसले पर अडिग है।