प्रदेश सरकार के आदेशानुसार स्कूलों में फॉर्मल ड्रेस नहीं पहनकर आने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों का औचक निरीक्षण करने का निरीक्षण दस्तों को आदेश जारी कर दिए हैं। जिला उपनिदेशकों को भी हाईकोर्ट के आदेशानुसार सरकार द्वारा लिए गए फैसले का पालन सुनिश्चित करवाने को कहा है।
निदेशक उच्च शिक्षा बीएल विंटा ने बताया है कि जो शिक्षक फार्मल ड्रेस पहनकर स्कूलों में नहीं आएंगे, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी अगर शिक्षकों ने आदेशों का पालन नहीं किया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। सरकार ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों पर जींस और टी-शर्ट में ऑफिस आने पर रोक लगाई है।
कार्मिक विभाग ने इस संदर्भ में सभी विभागाध्यक्षों को आदेश जारी किए हैं। सरकार ने हाईकोर्ट की फटकार के बाद यह फैसला लिया है। हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई में हाजिर हुई एक महिला कर्मचारी के पहनावे पर आपत्ति होने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
इसी कड़ी में स्कूलों में ड्रेस कोड लागू करने के लिए शिक्षा निदेशालय सतर्क हो गया है। निदेशालय द्वारा निरीक्षण दस्तों को प्रदेश में स्थित सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण कर शिक्षकों के पहनावे को जांचने के आदेश दिए हैं।
शिक्षकों ने ड्रेस कोड का किया था विरोध
उच्च शिक्षा निदेशालय ने कुछ माह पहले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया था। प्रस्ताव के बनते दौरान ही शिक्षक संघ इसके विरोध में मुखर हो गए थे। शिक्षकों के विरोध के बाद निदेशालय ने इस प्रस्ताव को ड्राप कर दिया था। अब हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद निदेशालय का ड्रेस कोड लागू करने का सपना पूरा होता दिख रहा है।