हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम कर्मचारी महासंघ ने नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। महासंघ की बैठक में सर्वसम्मति से बाबूराम को अध्यक्ष चुना गया, जबकि प्रीतम पाल ठाकुर को चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिमला के कसुम्पटी स्थित एसडीए कॉम्प्लेक्स में निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में महासंघ ने पहली बार चेयरमैन और कानूनी सलाहकार के नए पद सृजित किए। प्रीतम पाल ठाकुर को चेयरमैन और हरीश ठाकुर को कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया। वहीं, विक्रांत कदशोली को महासचिव, काहन चंद को उपाध्यक्ष, सौरव सिंह को संयुक्त सचिव, अर्जुन भकियांन को संगठन सचिव और विकास शर्मा को कोषाध्यक्ष बनाया गया।
क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए जोन स्तर पर भी पदाधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं। दक्षिण क्षेत्र से जगत राम, उत्तरी क्षेत्र से हरभजन सिंह और सेंट्रल जोन से राजेंद्र कटवाल को उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा आरएनटी फैक्ट्री नाहन से प्रदीप नेगी और आरएनटी फैक्ट्री बिलासपुर से श्यामलाल को भी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर भी चर्चा हुई। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नई कार्यकारिणी कर्मचारियों के अधिकारों, सेवा शर्तों और निगम हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी।
ओपीएस बहाली और रिक्त पद भरना रहेगा मुख्य मुद्दा
नवनियुक्त अध्यक्ष बाबूराम और चेयरमैन प्रीतम पाल ठाकुर ने कहा कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाली महासंघ की प्रमुख मांगों में शामिल रहेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार से काफी उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं हो पाया है।
उन्होंने वन निगम में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। महासंघ के अनुसार निगम में फॉरेस्ट गार्ड के 425 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 74 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। बड़ी संख्या में पद खाली होने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।
महासंघ ने कहा कि वर्ष 2027 में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में समय रहते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो निगम के नियमित कार्य प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने सरकार और निगम प्रबंधन से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग की।