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बांध से छोड़ दिया पानी, बाल-बाल बचे नदी पार कर रहे स्कूली छात्र

Sun, 06 Aug 2017 12:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पांवटा साहिब(सिरमौर)
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हिमाचल के सिरमौर जिले में गिरि नदी पार करते समय दो दर्जन स्कूली बच्चे व उनके अभिभावक बाल-बाल बच गए। बरसात के दौरान उफान पर पहुंची गिरि नदी को पार करने के लिए अभिभावकों ने नदी में कदम रखा ही था कि जटौन बांध से पानी छोड़ दिया। 
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गनीमत यह रही कि अभिभावकों को जान पहचान के एक व्यक्ति ने फोन पर सूचित कर दिया जिससे हादसा टल गया। बरसात के दिनों में अभिभावकों के लिए बच्चों का स्कूल भेजना भी मुश्किल हो गया है। उफनती नदी पहले ही अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है लेकिन जटौन बांध से छोड़े जाने वाले पानी से खतरा और भी बढ़ गया है। 

जानकारी के अनुसार शनिवार को धारटीधार के क्यारी डाडुवा व खाली अच्छोन के अभिभावक नदी के दूसरी तरफ चांदनी व शडियार स्कूल में अध्ययनरत स्कूली बच्चों को नदी पार करवाने पहुंचे। सुबह के समय नदी में पानी कम होने के कारण आधा दर्जन बच्चे ही पार करवाए जा सके थे। इस बीच अचानक जटौन बांध से पानी छोड़ दिया गया। 
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अचानक खोल दिए बांध से पानी के चार गेट

धारटीधार की ग्राम पंचायत छछेती के उपगांव क्यारी, डाडूवा व खाली अच्छोन निवासी विनोद कुमार, मदन शर्मा, सुरजीत सिंह, रामलाल, सुरेश कुमार व मुकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को 30 बच्चे स्कूल जाने के लिए नदी के किनारे पहुंचे थे। अभिभावकों ने 6 बच्चों को ही नदी पार करवाई थी कि इस बीच अचानक रेणुकाजी के जटौन बांध से पानी के चार गेट खोल दिए। 

मदन शर्मा ने कहा कि गनीमत ये रही रिश्तेदार बाबूराम ने कॉल कर दी। गेट खोलने की सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही नदी उफान पर बहने लगी। चिंतित अभिभावक करीब दो दर्जन स्कूली बच्चों को वापस ले आए। उधर, ग्राम पंचायत छछेती के प्रधान सतपाल ठाकुर ने बताया कि जटौन बांध प्रबंधन से बात की जाएगी। साथ ही चांदनी व भजौन के समीप नदी किनारे हुटर लगाने की मांग भी की जाएगी। 

नदी के तेज बहाव के कारण डाडूवा क्यारी के स्कूली बच्चे 5 दिनों से स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। गांव के शिक्षित युवकों मदन शर्मा, सुशील व प्रियंका ने बताया कि वह मिलकर इन स्कूली बच्चों को गांव में ही पढ़ाई करवा रहे हैं जिससे शिक्षा में बच्चे पीछे न रहें। युवाओं के प्रयासों की अभिभावकों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की है।
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