हिमाचल प्रदेश सरकार ने मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक बनाने और मछली पालकों व मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत मछली और मछली उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण और परिवहन के लिए 70 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। योजना के तहत पांच मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज, फ्रीज-ड्राई यूनिट और रेफ्रिजरेटेड वैन स्थापित करने के लिए पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान कम करने के साथ मछली उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखना और उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है। योजना से मत्स्य क्षेत्र में उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है।
किस सुविधा के लिए कितनी सहायता
योजना के तहत पांच मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज के लिए 15 लाख रुपये, फ्रीज-ड्राई यूनिट के लिए 10 लाख रुपये और रेफ्रिजरेटेड वैन के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। पात्र लाभार्थियों को इन निर्धारित लागतों पर 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ फिश फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ), मत्स्य सहकारी समितियों, उद्यमियों, बेरोजगार युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, मछुआरों, मछली विक्रेताओं और मछली पालकों को दिया जाएगा। नए लाभार्थियों, विशेषकर बेरोजगार युवाओं, मछुआरा सहकारी समितियों और एफपीओ को प्राथमिकता देने का प्रावधान है।
कोल्ड स्टोरेज के लिए जमीन जरूरी
कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए आवेदक के पास उपयुक्त जमीन या स्थान होना जरूरी होगा। यह जमीन आवेदक के स्वामित्व में होनी चाहिए या कम से कम 10 वर्ष की दीर्घकालिक लीज पर ली गई हो। वहीं, फ्रीज-ड्राई यूनिट स्थापित करने में मौजूदा मछली विक्रेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। रेफ्रिजरेटेड वैन के लिए आवेदन करने वाले लाभार्थी के पास योग्य व्यावसायिक चालक होना या योग्य चालक की व्यवस्था करना आवश्यक होगा।
तीन चरणों में होगा निरीक्षण
कोल्ड स्टोरेज और फ्रीज-ड्राई यूनिट के लिए विभाग की ओर से साइट तैयार करने, मशीनरी स्थापित करने और ट्रायल रन के दौरान निरीक्षण किया जाएगा। रेफ्रिजरेटेड वैन के मामले में सब्सिडी की अंतिम किस्त जारी होने से पहले उसका हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग में पंजीकरण अनिवार्य होगा। संपत्ति के सफल निर्माण या स्थापना और सत्यापन के बाद सब्सिडी की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से भेजी जाएगी।