सूबे में राष्ट्रीय राजमार्ग पर शराब की उप दुकानें खुल सकेंगी। प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग ने सरकार से मंजूरी मिलने के बाद सभी जिलों के उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं। सूबे में 231 से अधिक शराब की उप दुकानें खुलेंगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार को नई शराब दुकानें खुलने से सीधे 6.93 करोड़ का राजस्व शुल्क के तौर पर प्राप्त होगा।
सर्वोच्च न्यायालय के एनएच से शराब की दुकानें हटाने के आदेश के बाद बीते वर्ष हिमाचल में भी एनएच से सभी शराब ठेकों को शिफ्ट कर किया गया था। अब इस संबंध में सरकार को फिर से छूट मिल गई है। इसी साल आबकारी विभाग ने प्रदेश में पर्ची सिस्टम से शराब के ठेकों का आवंटन किया है।
ठेकेदारों ने काफी महंगी दरों पर शराब की दुकानें मिलने पर कई बार सरकार के समक्ष घाटे का रोना रोया। सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद आबकारी एवं कराधान विभाग ने भी शराब कारोबारियों के घाटे को ध्यान में रखते हुए नया फार्मूला लागू कर दिया है।
इसके तहत जिस क्षेत्र में पहले किसी ने शराब का यूनिट ले रखा है, वहां वही कारोबारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर नई शराब की दुकान खोल सकेगा। इसके लिए उसे दस्तावेजों के साथ जिला मुख्यालय पर उप सहायक एवं कराधान आयुक्त कार्यालय में तीन लाख सालाना शुल्क जमा करवाना होगा।
सरकार ने शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में शराब की उप दुकानें खोलने संबंधी निर्णय लिया है। इसके बाद एनएच पर अब शराब की दुकानें खोली जा सकती हैं। जिन लोगों को मार्च में लाइसेंस मिले हैं, केवल वही उप दुकानें खोल पाएंगे। इसके लिए सालाना तीन लाख रुपये शुल्क निर्धारित किया है।
- राजीव शर्मा, आबकारी एवं कराधान आयुक्त