मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
देश की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले पूर्व सैनिकों को रोजगार की दूसरी पारी में आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवाओं में 15 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की है। यह आरक्षण क्लास-एक, क्लास-दो, क्लास-तीन और क्लास-चार के सरकारी पदों में उपलब्ध होगा। पूर्व सैनिकों को उनकी योग्यता और अनुभव के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए सैनिक कल्याण विभाग के तहत विशेष रोजगार प्रकोष्ठ भी स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने देश की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण समय और जीवन दिया है। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके अनुभव, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का प्रदेश के विकास में उपयोग किया जा सकता है। सरकार का प्रयास है कि पूर्व सैनिकों को सम्मान के साथ रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर मिलें। सरकार के अनुसार रोजगार प्रकोष्ठ पूर्व सैनिकों को उपलब्ध सरकारी पदों की जानकारी देने के साथ उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर तलाशने में सहायता करता है। सैन्य सेवा के दौरान हासिल अनुभव को सेवानिवृत्ति के बाद भी उपयोगी बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है। प्रदेश में इस समय 1,33,557 पूर्व सैनिक हैं। इसके अलावा 40,004 सैन्य विधवाएं और 991 युद्ध विधवाएं हैं। सरकार की ओर से इनके कल्याण के लिए रोजगार के साथ शिक्षा, आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान केवल वीरता पुरस्कारों तक सीमित नहीं होना चाहिए। देश की रक्षा में योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य उपलब्ध करवाना भी सरकार की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार सैनिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष ध्यान दे रही है।