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हिमाचल प्रदेश: स्मार्ट मीटर लगाने से रोका तो 24 घंटे में कटेगी बिजली, फील्ड अधिकारियों को सख्ती के निर्देश

Mon, 27 Apr 2026 05:00 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में बिजली बोर्ड स्मार्ट मीटर लगवाने का काम तेजी से करवा रहा है। इसी बीच लोगों द्वारा भारी विरोध भी हो रहा है। लेकिन बोर्ड ने साफ कर दिया है कि यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने में बाधा डालता है, तो उसे 24 घंटे का लिखित नोटिस देकर बिजली आपूर्ति काटी जा सकती है। पढ़ें पूरी खबर...
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स्मार्ट मीटर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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स्मार्ट मीटरिंग अभियान को तेज करते हुए बिजली बोर्ड प्रबंधन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने में बाधा डालता है, तो उसे 24 घंटे का लिखित नोटिस देकर बिजली आपूर्ति काटी जा सकती है।

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बोर्ड प्रबंधन ने मुख्य अभियंताओं (ऑपरेशन) शिमला, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जोन को भेजे आदेशों में कहा है कि स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तय समयसीमा में पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसके लिए फील्ड अधिकारियों को विशेष अधिकार भी दिए गए हैं। निर्देशों में बताया गया है कि एक निजी कंपनी के माध्यम से प्रदेश भर में पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान उपभोक्ताओं को नियमानुसार पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा।

अधिकृत कर्मचारी को है ये अधिकार
बोर्ड ने बिजली एक्ट 2003 का हवाला देते हुए कहा है कि बिना सही और प्रमाणित मीटर के बिजली आपूर्ति नहीं की जा सकती। अधिनियम की धारा 163 के तहत बोर्ड या उसके अधिकृत कर्मचारी को किसी भी उपभोक्ता के परिसर में प्रवेश कर मीटर की जांच, मरम्मत या बदलाव करने का अधिकार है। यदि कोई उपभोक्ता इस कार्य में बाधा डालता है या सहयोग नहीं करता, तो विभाग उसे लिखित नोटिस जारी करेगा। नोटिस के 24 घंटे के भीतर भी सहयोग न मिलने पर बिजली कनेक्शन अस्थायी रूप से काटा जा सकता है।

बिजली मीटर पूरी तरह से विभाग की संपत्ति 
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के घरों में लगे ऊर्जा मीटर पूरी तरह से विभाग की संपत्ति हैं। केंद्रीय बिजली प्राधिकरण के नियमों के अनुसार मीटर का स्वामित्व वितरण कंपनी के पास ही रहता है। यहां तक कि यदि किसी उपभोक्ता ने मीटर खुद खरीदा हो, तब भी वह तब तक उसका मालिक नहीं माना जाएगा जब तक वह मीटर सिस्टम से स्थायी रूप से हटा न दिया जाए। बोर्ड के सेल्स मैनुअल में भी यही प्रावधान लागू है।

कार्य में बाधा बनने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
बोर्ड ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन नियमों की जानकारी फील्ड स्तर तक पहुंचाई जाए और स्मार्ट मीटरिंग कार्य में बाधा बनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही मीटर की सटीकता से जुड़े विवादों का निपटारा केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा।
 
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स्मार्ट मीटर के फायदे
अधिकारियों ने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग से बिजली व्यवस्था अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनेगी। इससे रियल टाइम डेटा मिलने, बिलिंग में सुधार और बिजली चोरी पर नियंत्रण जैसे कई फायदे मिलेंगे।
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