विस चुनाव के दौरान कांग्रेस की घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली देने की गारंटी पूरी नहीं हो पाई। आयोग ने बिजली दरों में इस गारंटी का जिक्र नहीं किया।
वाटर सेस की एवज में मिलेगी सब्सिडी : आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिजली परियोजनाओं पर लगने वाले वाटर सेस का बोझ प्रदेश के उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। सरकार ने परियोजनाओं पर लगे सेस से बोर्ड को मिलने वाली महंगी बिजली पर सब्सिडी देने का फैसला लिया है। आयोग के अनुसार वाटर सेस लगने से बिजली दरों में प्रति यूनिट 1.20 से 1.30 रुपये दाम बढ़ सकते हैं।
ये होंगी प्रति यूनिट नई दरें (रुपये में)
श्रेणी स्लैब पुरानी दरें नई दरें
घरेलू 0-125 शून्य शून्य
घरेलू 126-300 3.95 4.17
घरेलू 300 + 5.00 5.22
व्यावसायिक 4.75-5.10 5.21-5.52
लघु उद्योग 4.60-4.75 5.06-5.17
मध्यम उद्योग 4.60 5.06
भारी उद्योग 4.20-4.60 4.66-5.6
सिंचाई-पेयजल 4.20-5.00 4.66-5.46
स्ट्रीट लाइट 4.95 5.37
अस्थायी सप्लाई 7.00 7.42