बहन के साथ सुखविंदर सुक्खू।
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मुख्यमंत्री बनने जा रहे सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सबसे छोटी बहन सुदर्शना भंडारी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अनुभाग अधिकारी के पद पर तैनात हैं। सुदर्शना भंडारी ने कहा कि यह भाई की 39 सालों की कठिन राजनीतिक साधना का परिणाम है कि आज उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे पद की जिम्मेदारी सौंपी है। कहा कि हमने कांग्रेस हाईकमान पर ही फैसला छोड़ा था। जिसे भी मुख्यमंत्री बनाया जाता, हमें स्वीकार था। सुदर्शना ने कहा कि सुक्खू भाई का पूरा जीवन संघर्षपूर्ण रहा है। चुनौतियों और मुश्किलों का उन्होंने डटकर सामना किया और आगे बढ़ते गए। मुख्यमंत्री बनने के बाद से नादौन में उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है। उन्हें भी शिमला से लगातार बधाई देने को कॉल आ रहे हैं।
प्रदेश का नेतृत्व करने की बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर वह सबको साथ लेकर चलने वाली सोच के साथ आगे बढ़ेंगे और प्रदेश को विकास की राह पर लेकर जाएं, यही कामना रहेगी। उन्होंने कहा कि भाई ने हमेशा दूसरों का भला करने की हमें सीख दी है। चार भाई बहनों में सुक्खू भाई ने परिवार की जिम्मेदारियों के साथ कांग्रेस के कर्मठ सिपाही की तरह हमेशा कार्य किया। 18 वर्ष से लेकर 57 साल तक की उम्र तक समर्पित होकर कार्य किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद वह कांग्रेस के किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए कार्य करेंगे।