भाजपा और कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमने वाली हिमाचल की राजनीति में इस बार भी तीसरा राजनीतिक दल उभरकर सामने नहीं आया। भाजपा-कांग्रेस के बाद कभी यूपी की सत्ता पर प्रचंड बहुमत के साथ काबिज होने वाली बसपा हिमाचल में 2017 के विधानसभा चुनावों में नोटा (इनमें से कोई नहीं) से भी पिछड़ गई।
पार्टी की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके 51 प्रत्याशियों में अधिकतर की जमानत तक जब्त हो गई। विधानसभा चुनाव के दौरान बसपा को कुल 17 हजार 335 वोट मिले। 32 हजार 656 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया।