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Himachal Election: स्वागत और विरोध के बीच भाजपा ने उपचुनाव के मैदान में उतारे 'नए चेहरे'

Fri, 29 Mar 2024 10:55 AM IST
Krishan Singh मदन मोहन लखेड़ा, धर्मशाला

सार

उपचुनाव के लिए बिछी बिसात में कुटलैहड़ और देहरा के बाद भाजपा ने छह और विस हलकों में नए चेहरे मैदान में उतार दिए हैं। 
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भाजपा के नए चेहरे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव के लिए बिछी बिसात में कुटलैहड़ और देहरा के बाद भाजपा ने छह और विस हलकों में नए चेहरे मैदान में उतार दिए हैं। विरोध और स्वागत के बीच धर्मशाला, हमीरपुर, ऊना और सोलन में हुए इन कार्यक्रमों के जरिये पार्टी नेतृत्व ने एकजुटता के साथ ऑल इज वेल का संदेश देने की कोशिश की। हालांकि, धर्मशाला में सांसद किशन कपूर तो ऊना में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने स्वागत कार्यक्रमों से किनारा किया। गगरेट में पूर्व प्रत्याशी राजेश ठाकुर को छोड़कर अन्य पांच हलकों में हुए कार्यक्रमों से भाजपा के 2022 के प्रत्याशियों ने दूरी बनाए रखी।    

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राज्यसभा चुनाव के घटनाक्रम के करीब एक महीने बाद पांच बागी और एक निर्दलीय विधायक भगवा चोला ओढ़कर पहली बार अपने हलकों में पहुंचे। कुटलैहड़ में देवेंद्र भुट्टो और देहरा में होशियार सिंह के स्वागत के बाद अपने चुनावी क्षेत्रों में लौटे अन्य बागियों व निर्दलीयों के स्वागत में कार्यक्रम हुए। पूर्व सीएम जयराम ऊना में तो प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बिंदल पहले हमीरपुर फिर धर्मशाला में सक्रिय रहे। पार्टी के कई अन्य नेताओं की ड्यूटी लगाई गई थी।

भगवा रंग में रंगे मंचों पर धर्मशाला में सुधीर शर्मा, सुजानपुर में राजेंद्र राणा, हमीरपुर में आशीष शर्मा व बड़सर में इंद्रदत्त लखनपाल, ऊना के गगरेट में चैतन्य शर्मा और सोलन के नालागढ़ में केएल ठाकुर का पार्टी नेताओं व पदाधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। धर्मशाला के मंच पर भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी डॉ. राजीव भारद्वाज समेत संसदीय क्षेत्र के विधायक भी मौजूद रहे। कार्यक्रमों में संगठन पदाधिकारियों की ठीक-ठाक भागीदारी रही। इक्का-दुक्का को छोड़कर संगठन के अधिकांश चेहरे अपने क्षेत्रों में कार्यक्रमों मौजूद रहे। हालांकि, बागियों के स्वागत की गहमागहमी के बीच सांसद किशन कपूर धर्मशाला में होकर भी दूर रहे। 

धर्मशाला से ही पूर्व प्रत्याशी राकेश चौधरी बुधवार को ही इस्तीफा दे चुके थे। उधर, हमीरपुर के भी तीनों हलकों में पार्टी के पूर्व प्रत्याशी रहे कैप्टन रणजीत सिंह राणा, नरेंद्र ठाकुर और माया शर्मा व उनके पति पूर्व विधायक बलदेव शर्मा कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। नालागढ़ में पूर्व प्रत्याशी लखविंद्र राणा व उनके समर्थकों ने कार्यक्रम से किनारा किए रखा। जबकि, गगरेट में पूर्व प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक राजेश ठाकुर चैतन्य के लिए सजे मंच पर मौजूद रहे।

धर्मशाला में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के साथ पूर्व विस अध्यक्ष विपिन सिंह परमार तो गगरेट में खुद पूर्व सीएम जयराम ठाकुर अन्य नेताओं के साथ मौजूद रहे। सुजानपुर में पूर्व मंत्री एवं विधायक बिक्रम ठाकुर राजेंद्र राणा, हमीरपुर में राज्यसभा सांसद डॉ सिकंदर आशीष शर्मा और बड़सर में विधायक राकेश जम्वाल इंद्रदत्त लखनपाल के साथ रहे। छह हलकों में हुए इन स्वागत कार्यक्रमों के जरिये भाजपा ने उत्साही अंदाज में नये चेहरों को उपचुनाव के मैदान में उताकर कार्यकर्ताओं से रूबरू कराया। कार्यकर्ताओं को संदेश देने की कोशिश की कि अब पार्टी के नये चुनावी चेहरों की जीत के लिए संगठन भी कमर कस चुका है। 

धूमल से आज हो सकती है मुलाकात
हमीरपुर के अयोग्य ठहराए गए बागी विधायक राजेंद्र राणा, इंद्रदत्त लखनपाल और निर्दलीय आशीष शर्मा की शुक्रवार को पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल से मुलाकात संभव है। जानकारी के अनुसार तीनों समीरपुर जाकर पूर्व सीएम से मुलाकात कर उपचुनाव की जंग के लिए उनका मार्गदर्शन और समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे। इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी बुधवार को पूर्व सीएम धूमल से मुलाकात कर चुके हैं। 

गगरेट-सुजानपुर में दिखाए काले झंडे
बागी विधायकों के स्वागत कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस का छुटपुट विरोध ही सामने आया। गगरेट में ब्लॉक कांग्रेस और सुजानपुर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर रोष जताया। इसके अलावा कहीं भी धरना-प्रदर्शन जैसे कार्यक्रमों के लिए कांग्रेसी आगे नहीं आए। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने बयान जारी कर विरोध जताया।
 

बागियों के निशाने पर रहे सीएम सुक्खू
भाजपा के मंच पर हुए स्वागत कार्यक्रमों में कांग्रेस के बागी विधायकों व निर्दलीय विधायकों के निशाने सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ही रहे। उन्होंने अपने भाषण के अधिकांश हिस्से में सीएम सुक्खू पर निशाना साधकर बगावत को मान-सम्मान से जोड़ा। पार्टी छोड़कर भाजपा का साथ देने के फैसले के कारण गिनाते हुए अपना पक्ष मजबूती से रखने की कोशिश की। कांग्रेस और पार्टी कार्यकर्ताओं से कोई नाराजगी जाहिर नहीं की।
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रूठे भाजपा नेताओं को मनाने का जिम्मा जयराम और बिंदल के कंधे पर
कांग्रेस के बागियों को टिकट देने के बाद रूठे भाजपा नेताओं को मनाने का जिम्मा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के कंधे पर डाला गया है। पहले चरण में इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व हस्तक्षेप नहीं करेगा। प्रदेश भाजपा की ओर से राष्ट्रीय नेतृत्व को इस बारे में रोजाना अपडेट करना पड़ रहा है कि कहां किस तरह की स्थिति है और कौन-कौन रूठा नेता मान गया है। रूठों को मनाने की इसी मोर्चेबंदी के बीच नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और राज्य अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने वीरवार को छह रैलियां करवाईं। इसमें एकजुटता का संदेश दिया। सूत्रों के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जयराम ठाकुर और राजीव बिंदल को अपने रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए रूठे अपनों को मनाने को कहा है। 
 
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