हिमाचल प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या 27 लाख से अधिक है। सरकारों को चुनने में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की भागीदारी अधिक रहती है। बावजूद सियासी दल अधिक महिलाओं को प्रत्याशी बनाने से कतराते रहे हैं। प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए भी प्रदेश के तीन बड़े राजनीतिक दलों भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने सिर्फ 14 महिलाओं को पार्टी प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने पांच महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है जबकि कांग्रेस ने तीन महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही है। इसमें छह महिलाओं को टिकट दिए हैं। भाजपा ने चंबा सदर से नई महिला प्रत्याशी नीलम को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस पार्टी ने पुरानी महिलाओं पर ही फिर दांव खेला है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पुरुषों के मुकाबले में महिलाएं मतदान करने में आगे रहीं जबकि इनकी नुमाइंदगी नाममात्र रही। पिछले पांच विधानसभा चुनाव के आंकड़ों में महिलाओं ने वोट के मुकाबले में पुरुषों को पछाड़ा है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 50,25,941 वोटरों में से 37,27,727 ने वोट डाले गए। इसमें 19,14,578 महिलाएं जबकि 18,13,147 पुरुष मतदाता थे। वर्ष 2012 में 16,83,278 पुरुषों जबकि 17,40,112 महिलाओं ने मतदान किया था। वहीं वर्ष 2007 में 16.17 लाख पुरुषों और 16.79 लाख महिलाओं, वर्ष 2003 में 15.22 लाख पुरुषों और 15.33 लाख महिलाओं और 1999 में 12.83 लाख पुरुषों और 13.01 महिलाओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इन सभी विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं की जीत का प्रतिशतता कुल प्रत्याशियों के मुकाबले दहाई का आंकड़ा भी छूं नहीं पाया।
टिकट देने में पार्टियां काटती हैं कन्नी
हिमाचल विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दल महिलाओं को टिकट देने में कन्नी काटते हैं। महिलाओं को टिकट में 33 फीसदी आरक्षण देने की कोई हिमायत नहीं करता है। आधी आबादी को पर्याप्त नेतृत्व देने पर भाषण भी होते हैं। महिलाओं को बस किराये में छूट, प्रतियोगी परीक्षा के फार्म भरने की फीस माफ, उद्योग लगाने में सब्सिडी, गृहणी योजना, महिलाओं के नाम पर राशनकार्ड बनाने और महिलाओं से संबंधित त्योहारों की छुट्टियों का प्रावधान की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा महिलाओं को चुनावी भाषण में तरह-तरह से सपने दिखाए जाते हैं। लेकिन 33 फीसदी आरक्षण देने में राजनीतिक दल कन्नी काटते हैं। वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 10 फीसदी महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा था। वहीं कांग्रेस ने चार महिलाओं को प्रत्याशी बनाया।
- - वर्ष 1977 में 330 प्रत्याशी, 9 महिलाओं को टिकट, 01 जीती
- - 1982 में 441 प्रत्याशी, 9 महिलाओं को टिक ट, 03 जीती
- - 1985 में 294 प्रत्याशी, 10 महिलाओं को टिकट, 3 जीती
- - 1990 में 454 प्रत्याशी, 18 महिलाओं को टिकट, 04 जीती
- - 1993 में 416 प्रत्याशी, 17 महिलाओं को टिकट 03 जीती
- - 1998 में 369 प्रत्याशी, 25 महिलाओं को टिकट 06 जीती
- - 2003 में 408 प्रत्याशी 31 महिलाओं को टिकट 04 जीती
- - 2007 में 336 प्रत्याशी 25 महिलाओं को टिकट 05 जीती
- - 2012 में 459 प्रत्याशी 34 महिलाओं को टिकट 03 जीती
- - 2017 में 337 प्रत्याशी 19 महिलाएं को टिकट 05 जीती
हिमाचल में इस बार 27,28,555 महिला वोटर
शिमला। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कुल 55,74,793 वोटर हैं। इनमें 28,46,201 पुरुष और 27,28,555 महिला वोटर हैं।
उमावती थी पहली महिला विधायक
हिमाचल प्रदेश में उमावती पहली महिला विधायक बनी थीं। 1954 में बिलासपुर के तत्कालीन चुनाव क्षेत्र गेहड़वीं वर्तमान झंडूत्ता से उमावती निर्दलीय जीत कर हिमाचल विधानसभा की पहली महिला विधायक बनी। 1957 में कांग्रेस ने सत्यावती को मनोनीत किया।