हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान सर्विस वोटरों का मतदान प्रतिशत 87 फीसदी पहुंचा गया है। मतगणना के दिन गुरुवार सुबह 8:00 बजे तक यह एक फीसदी और बढ़ सकता है। वर्ष 2017 के विस चुनाव में भी सर्विस वोटरों का मतदान प्रतिशत 83 फीसदी था। इस बार चुनाव ड्यूटी में तैनात सर्विस वोटरों को करीब 59,000 मतपत्र जार किए गए हैं। ये वही सर्विस वोटर हैं जिन्होंने रिटर्निंग आफिसर के पास फार्म 12-डी भर कर दिया था। इस फार्म में सर्विस वोटर को पहले ही बताना था कि वह किस विधानसभा क्षेत्रों में मतदान करेगा। सर्विस वोटर को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी के पास अपना मतपत्र का इस्तेमाल करके बंद लिफाफे में डालकर सौंपना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) हिमाचल मनीष गर्ग ने कहा कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को जारी किए गए डाक मतपत्रों में से 52859 डाक मतपत्र अभी तक लगभग 87 प्रतिशत राज्य भर के रिटर्निंग अधिकारियों ने प्राप्त कर लिए हैं।
कहा कि चुनाव ड्यूटी पर कर्मचारियों को जारी किए गए डाक मतपत्रों की कुल संख्या में 2017 की तुलना में इस बार लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, ऐसे कर्मचारियों के पोस्टल बैलेट वीएसई 2022 में वापस प्राप्त हुए 2017 के चुनावों की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के 2017 में प्राप्त डाक मतपत्र 45,126 थे, जबकि वर्तमान विधानसभा चुनाव में अभी तक प्राप्त डाक मतपत्रों की संख्या 52,859 है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि मतगणना केंद्रों के बाहर ड्रोन का इस्तेमाल नहीं होगा। मतगणना केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रहेगी। उनका कहना है कि अभी तक चुनाव ड्यूटी के सर्विस वोटरों ने 83 फीसदी तक मतदान कर दिया है। यह एक फीसदी और बढ़ने की उम्मीद है।