शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट पर कांग्रेस जहां जीत की हैट्रिक लगाने का दावा कर रही है तो भाजपा भी अपनी पहली जीत को लेकर आश्वस्त दिख रही है। इन दोनों को मिलाकर कुल छह प्रत्याशी इस विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। अब देखना है कि इन में से कौन प्रत्याशी विजयी होता है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की तीसरी हॉट सीट मानी जाने वाली शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट पर इस बार भी सबकी नजरें टिकी हैं। इस सीट पर कांग्रेस जहां जीत की हैट्रिक लगाने का दावा कर रही है तो भाजपा भी अपनी पहली जीत को लेकर आश्वस्त दिख रही है।साल 2012 में कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र का आधा हिस्सा अलग कर शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट बनी थी। साल 2012 और 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। पहले पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह तो बाद में उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह इस सीट से विजेता रहे।
इस बार भी विक्रमादित्य सिंह इस सीट से कांग्रेस की ओर से मैदान में हैं। उधर, भाजपा ने इस सीट पर तीन चुनावों में तीन अलग-अलग चेहरे मैदान में उतारे हैं। इस बार जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता को पार्टी ने टिकट दिया है। रवि मेहता छात्र नेता भी रह चुके हैं। हालांकि, उनके सामने विक्रमादित्य की कड़ी चुनौती है। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों में जुबानी जंग भी देखने को मिली थी। ऐसे में चुनाव नतीजा काफी रोचक रह सकता है। इन दोनों को मिलाकर कुल छह प्रत्याशी इस विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। अब देखना है कि इन में से कौन प्रत्याशी विजयी होता है।
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शिमला ग्रामीण में 66.35 फीसदी हुआ मतदान
शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कुल 78294 मतदाता हैं। इस सीट पर इस बार 66.35 फीसदी मतदान हुआ। यह साल 2017 में हुए मतदान से करीब आठ फीसदी कम है।
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