हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव।
- फोटो : अमर उजाला
इससे अब तक कुल मतदान 75.6 प्रतिशत हो गया है। सभी डाक मतपत्रों के प्राप्त होने तक यह एक फीसदी और बढ़ सकता है। राज्य चुनाव विभाग ने इस बार वर्ष 2017 में कम मतदान वाले 11 विधानसभा क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया था। स्वीप और मतदाता जागरूकता गतिविधियां शुरू की थीं। मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक करने को प्रतियोगिताएं और रैलियां आयोजित कीं।
नौ विधानसभा क्षेत्रों में 7 फीसदी तक सुधरा मतदान
धर्मपुर, जयसिंहपुर, शिमला, बैजनाथ, भोरंज, सोलन, कसुम्पटी, सरकाघाट, जसवां परागपुर, हमीरपुर और बड़सर के तुलनात्मक विश्लेषण करने से तथ्य सामने आया है कि 11 में से 9 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान में 7 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। धर्मपुर में 2017 के चुनाव में 63.6 प्रतिशत तो 2022 में 70.54 प्रतिशत रहा।
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जयसिंहपुर में 2017 में 63.79 से बढ़कर 65.31, भोरंज में 2017 में 65.04 से बढ़कर इस बार 68.55 प्रतिशत, सोलन में 66.45 से बढ़कर इस बार 66.84, बड़सर में 69.06 से बढ़कर 71.17, हमीरपुर में 68.52 से बढ़कर 71.28, जसवां-परागपुर में 68.41 से बढ़कर 73.67, सरकाघाट में 67.23 से बढ़कर 68.06 और कसुम्पटी में 66.86 से बढ़कर 68.24 प्रतिशत मतदान पहुंचा है।
शिमला शहरी और बैजनाथ पिछली बार के मुकाबले घटा मतदान
शिमला शहरी क्षेत्र में 2017 में 63.93 प्रतिशत से थोड़ा कम होकर 62.53 और बैजनाथ में 2017 में 64.92 और 2022 में 63.46 मतदान रहा।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने हिमाचल प्रदेश के दौरे के दौरान राज्य को कम मतदान वाले विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा था और निर्देशित किया था। -मनीष गर्ग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी