शगुन राशि में बढ़ोतरी और छात्राओं को साइकिल तथा स्कूटी का वायदा भी संकल्प पत्र में है। हिमाचल के विधानसभा चुनाव के लिए इस बार 55 लाख 74 हजार 793 मतदाता हैं। इनमें से महिला मतदाताओं की संख्या 27 लाख 28 हजार 555 है। हिमाचल प्रदेश में चुनाव का यह ट्रेंड रहा है कि हर बार महिलाओं ने ही ज्यादा वोट डाले हैं।
पहाड़ी राज्य में नेताओं का सियासत का सफर तय करने में महिलाएं पीछे नहीं हैं। यही कारण है कि हर दल महिला मतदाताओं को तवज्जो देते हैं। पिछले पांच विधानसभा चुनाव के आंकड़ों में महिलाओं ने वोट के मुकाबले में पुरुषों को पछाड़ा है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 50,25,941 मतदाताओं में से 37,27,727 ने वोट डाले।
इनमें 19,14,578 महिलाएं, जबकि 18,13,147 पुरुष मतदाता थे। वर्ष 2012 में 16,83,278 पुरुषों जबकि 17,40,112 महिलाओं ने मतदान किया था। वर्ष 2007 में 16.17 लाख पुरुषों और 16.79 लाख महिलाओं, वर्ष 2003 में 15.22 लाख पुरुषों और 15.33 लाख महिलाओं और 1999 में 12.83 लाख पुरुषों और 13.01 महिलाओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था।
नेतृत्व करने में पिछड़ रहीं महिलाएं
वोट प्रतिशतता में आगे होने के बावजूद महिलाएं नेतृत्व करने में अभी पिछड़ रही हैं। 33 फ ीसदी आरक्षण की हिमायत करने वाले बड़े राजनीतिक दल भी महिला प्रत्याशियों को टिकट देने से परहेज ही करते हैं। हालांकि, केवल छह महिलाओं को ही भाजपा के टिकट देने के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि प्रत्याशी चयन में जिताऊ होने को भी देखा जाता है।