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HP Politics: चुनाव से पहले सुखराम परिवार को लेकर कांग्रेस में बगावत के सुर, आश्रय और कौल में छिड़ी जुबानी जंग

Thu, 06 Oct 2022 08:44 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

प्रदेश कांग्रेस महासचिव आश्रय शर्मा ने मंडी सदर के भाजपा विधायक अपने पिता अनिल शर्मा की वकालत कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह पर जमकर निशाना साधा। वहीं, कौल सिंह ने आश्रय को नासमझ और गैर जिम्मेदार ठहराकर पलटवार किया है। 
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आश्रय शर्मा और कौल सिंह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव से पहले सुखराम परिवार को लेकर मंडी में कांग्रेस में उठी बगावत तेज होती जा रही है। बुधवार को पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष समेत 80 कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा दिया। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस महासचिव आश्रय शर्मा ने मंडी सदर के भाजपा विधायक अपने पिता अनिल शर्मा की वकालत कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह पर जमकर निशाना साधा। वहीं, कौल सिंह ने आश्रय को नासमझ और गैर जिम्मेदार ठहराकर पलटवार किया है। पिता अनिल शर्मा के भाजपा में ही रहने के निर्णय के बाद आश्रय अपनी ही पार्टी पर आक्रामक हो रहे हैं। आश्रय की भाजपा में जल्द जाने की अटकलें हैं।

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धोखा देकर कौल ने की राजनीति की शुरुआत : आश्रय
आश्रय ने जारी बयान में कौल सिंह ठाकुर पर हमेशा धोखे की राजनीति करने का आरोप लगाया है। कहा कि कौल सिंह ने अपने पहले चुनाव से ही जनता पार्टी को धोखा देकर शुरुआत की। फिर 1993 में पंडित सुखराम को धोखा दिया। 2012 में वीरभद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उसके बाद जी-23 में शामिल होकर गांधी परिवार को भी धोखा दे दिया। पंडित सुखराम परिवार पर अंगुली उठाने से पहले अपने जनाधार का ध्यान रखें, जो वरिष्ठ मंत्री होते हुए भी स्वयं भी 2017 में हारे और उनकी बेटी भी भारी मार्जिन से हार गईं। उनके पिता अनिल शर्मा आजतक कभी कोई चुनाव नहीं हारे हैं। 

जो अपने पिता का नहीं हो सका, वह किसका होगा : कौल
कांग्रेस के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता कौल सिंह ने कहा कि आश्रय को राजनीति की कुछ समझ नहीं है। जनता ने आश्रय को गंभीरता से लेना छोड़ दिया है। मंडी के लोगों को पता है कि धोखे की राजनीति कौन करता है। जो अपने पिता का नहीं हो सका, वह किसका होगा। अभी आने वाले समय में जनता बहुत कुछ बोलेगी। उसे सुनने के लिए आश्रय तैयार रहें। आया राम गया राम की राजनीति पर आश्रय चल रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में आश्रय को करारी हार मिली। हार ने सुखराम परिवार का रिकॉर्ड तोड़ा। उपचुनाव में उसी जनता ने कांग्रेस को जिताया। अब दोबारा पलटी मारने को आश्रय तैयार हैं। 

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