शुक्रवार को शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान रोहित ठाकुर ने कहा कि नकारात्मक सोच केवल ऑल इंडिया कैडर तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य कैडर में भी ऐसे अधिकारी मिल सकते हैं। रोहित ठाकुर ने विक्रमादित्य को अनुभवी और काबिल मंत्री बताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि यदि कोई वरिष्ठ मंत्री कोई बात सार्वजनिक तौर पर कह रहा है, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय संवाद के जरिये सुलझाया जाना चाहिए। रोहित ठाकुर ने प्रदेश के विकास में बाहरी राज्यों से आए आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के योगदान को भी सराहा।
उन्होंने कहा कि जैसे हिमाचली अधिकारी दूसरे राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं, वैसे ही अन्य राज्यों के अधिकारी भी यहां पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों को एक ही नजरिये से देखना या किसी एक बयान के आधार पर पूरे कैडर को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। रोहित ठाकुर ने इस विवाद को कैबिनेट तक ले जाने की जरूरत से भी इन्कार किया। उन्होंने इसे परिवार का मामला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को सीधे हस्तक्षेप कर गलतफहमियां दूर करनी चाहिए।