निदेशालय के अनुसार यह पहल शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार, अनुशासन और समावेशिता के साथ-साथ हिमाचल की सांस्कृतिक व भौगोलिक विरासत को प्रतिबिंबित करेगी। प्रतियोगिता में छात्र, शिक्षक, पेशेवर डिज़ाइनर, कलाकार और आम नागरिक बिना किसी शुल्क के भाग ले सकते हैं। चयनित लोगो को 25,000 रुपये पुरस्कार मिलेगा और उसे प्रदेश के सभी सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में आधिकारिक रूप से अपनाया जाएगा।
शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि लोगो शिक्षा, ज्ञान और विकास का प्रतीक होना चाहिए। सरकारी और अकादमिक उपयोग के अनुरूप हो तथा यूनिफॉर्म, प्रमाणपत्र, वेबसाइट, सोशल मीडिया, साइनबोर्ड और स्टेशनरी पर आसानी से उपयोग योग्य हो। धार्मिक, राजनीतिक या कॉपीराइट सामग्री पर प्रतिबंध रहेगा। लोगो सरल, गरिमामय और हर आकार में स्पष्ट होना चाहिए।
प्रविष्टि जेपीईजी/पीएनजी (हाई रेजोल्यूशन) में होनी चाहिए। प्रत्येक प्रतिभागी केवल एक प्रविष्टि भेज सकेगा, जिसके साथ अधिकतम 150 शब्दों का कॉन्सेप्ट नोट देना होगा। विशेषज्ञों व वरिष्ठ अधिकारियों की समिति रचनात्मकता, प्रतीकात्मकता, सरलता और दीर्घकालिक उपयोगिता के आधार पर चयन करेगी। 30 जनवरी 2026 तक लोगो भेजे जा सकेंगे। परिणाम की घोषणा 15 फरवरी 2026 को होगी। लोगो और विवरण cbseaffiliationhp@gmail.com पर भेजना होगी। ई-मेल में नाम, पता, संपर्क विवरण और मौलिकता की घोषणा अनिवार्य है।