हिमाचल प्रदेश सरकार ने भारत सरकार से आबादी के अनुपात में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की सभी परियोजनाओं में 7.19 प्रतिशत बिजली प्रदान करने की मांग दोहराई है। राज्य ने पंजाब और हरियाणा के विरुद्घ अंतर्राज्यीय ऊर्जा समझौता दर के अनुसार एरियर दावों की गणना करने की भी मांग की है।
प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने यह मांग शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भाग लेते हुए की। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हिमाचल के अलावा हरियाणाए पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर, पंजाब, राजस्थान के अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केन्द्र शासित चंडीगढ़ के अधिकारी व सरकार के मंत्री शामिल हुए।
बैठक में कौल सिंह ने कहा कि हिमाचल भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की परियोजनाओं में ऊर्जा के 7.19 प्रतिशत हिस्से के लिए कई बार आग्रह करने पर भी वाजिब हिस्सा नहीं दिया गया। उन्होंने पंजाब तथा हरियाणा राज्यों के खिलाफ एरियर दावों की गणना राष्ट्रीय फर्टीलाइजर्स लिमिटेड की दरों पर करने को अनुचित करार देते हुए दरों को बदरपुर थर्मल पावर स्टेशन की तर्ज पर अंतर्राज्यीय ऊर्जा समझौता दरों पर देने की मांग की। उन्होंने कहा सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मांग को जायज ठहराया है।
उन्होंने हिमाचल को हिस्सेदारी दिलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से केंद्रीय ऊर्जा मंत्री तथा संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक आयोजित करने पर जोर दिया। ठाकुर ने केन्द्र से रेणूका जी बांध के लिए 90:10 के अनुपात में केन्द्रीय राज्य हिस्से पर निर्माण की राशि मांगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की परियोजना से राज्य की बड़ी आबादी का विस्थापन हुआ है।
उन्होंने मंडी जिला के गांव खयूरी की 25 मेगावाट विद्युत परियोजना का कार्य हिमाचल प्रदेश को सौंपने तथा राज्य की नदियों से जल का उपयोग करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की शर्त में छूट देने का आग्रह किया। इसके अलावा मुख्य वन भूमि के दृष्टिगत वन भूमि का विकासात्मक गतिविधियों के लिए हस्तांतरण की शक्तियां पांच हेक्टेयर तक बढ़ाने का भी सुझाव दिया।
हिमाचल के 15 किमी भीतर घुस आई है जेएंडके पुलिस
कौल सिंह ठाकुर ने अंतर्राज्यीय सीमा विवाद के जल्द निपटारे पर जोर देते हुए कहा कि हिमाचल का जम्मू व कश्मीर की पुलिस को लेकर अच्छा अनुभव नहीं है। वहां की पुलिस लाहौल स्पीति जिले की सीमा में 15 किलोमीटर अंदर तक घुस गई है और इसे अपना क्षेत्र बता रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सीमाओं पर से आईटीबीपी बलों को हाल ही में हटाया गया है जिन्हें किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में दोबारा तैनात किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों की सरकारों तथा प्रशासन को सद्भाव के साथ समाधान खोजना चाहिए।