निदेशक एवं विशेष सचिव हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण डीसी राणा ने नुकसान का विवरण देते हुए बताया कि राज्य में बागवानी एवं कृषि क्षेत्र में 0.54 करोड़, पशुपालन में 0.19 करोड़, मत्स्य पालन में 0.015 करोड़, हाउसिंग में 10.46 करोड़, सामुदायिक संपत्ति में 2.50 करोड़, वन में 6.78 करोड़, लोक निर्माण विभाग में 242.27 करोड़, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य 43.97 करोड़ और बिजली बोर्ड में 51.17 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त सर्दियों के मौसम में आपदाओं के दौरान जान गंवाने पर 16.32 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि के रूप में प्रदान की गई।
इन अफसरों ने लिया नुकसान का जायजा
आईएमसीटी के संयुक्त सचिव, स्वतंत्रता सेनानी पुनर्वास विभाग के केबी सिंह ने शिमला, चंबा, कुल्लू और मंडी जिला में हुए नुकसान का जायजा लिया। आईएमसीटी के अन्य सदस्यों जिनमें निदेशक बागवानी डॉ. एमएन सिंह, निदेशक (व्यय) एससी मीना और उप निदेशक ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एसएस मोदी, निदेशक केंद्रीय जल आयोग ओपी गुप्ता, उप निदेशक ऊर्जा ओपी सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी सड़क परिवहन एवं उच्च मार्ग विपनेश शर्मा ने नुकसान का जायजा लिया।