हिमाचल की तरफ सुरंग के अलावा डंपिंग यार्ड और कैंपस के निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिली है। इससे साउथ पोर्टल की तरफ से सुरंग के साथ प्रस्तावित पुलों और डंपिंग साइटों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी से सुरंग निर्माण का लक्ष्य आगे खिसक सकता है। जबकि निर्माण कार्य शुरू होने पर लाहौल के सैकड़ों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। बताया जा रहा है कि हालांकि बीआरओ की तरफ से भी कागजी प्रक्रिया शुरू करने में देरी हुई है। टनल 4.1 किलोमीटर लंबी और 10.5 मीटर चौड़ी होगी। दोनों टनलों में अब तक करीब 50-50 मीटर खोदाई की जा चुकी है।
पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रवि ठाकुर ने कहा कि सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शिंकुला टनल के निर्माण में हिमाचल की ओर से विलंब हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरंग के साउथ पोर्टल पर निर्माण कार्य वन विभाग की औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण ठप पड़ा है। जबकि लद्दाख प्रशासन ने नॉर्थ पोर्टल पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। रवि ठाकुर ने प्रदेश सरकार से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है।