हिमाचल के कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई की निंदा की है। कहा है कि षड्यंत्रकारी मुख्यमंत्री का बाल भी बांका नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, केहर सिंह खाची, महासचिव रामलाल ठाकुर और कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल अपनी राजनीतिक खीझ मिटाने को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ अनापशनाप बयानबाजी कर रहे हैं।
कहा कि उन्होंने भी कोई चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। भाजपा कांग्रेस के धैर्य की परीक्षा न ले। ईंट का जवाब पत्थर से देने में भी सक्षम हैं। कहा कि धूमल एवं उनके पुत्र मुख्यमंत्री के मामले को लेकर इतने उतावले हैं कि वे सभी मान-मर्यादाओं को भी भूलते जा रहे हैं। जनमत का अपमान करना इनकी आदत बन गई है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के दिल्ली स्थित फार्म हाउस पर ईडी की कार्रवाई पर हैरानी जताई।
कहा कि एकतरफ यह सारा मामला न्यायालय के विचाराधीन है, दूसरी तरफ संपत्ति को ऐसे अटैच कर रहे हैं, मानों वीरभद्र सिंह अपनी संपत्ति को कहीं उठाकर दूसरी जगह ले जा रहे हों। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ ईडी की कार्रवाई सत्ता में बैठे भाजपा के आकाओं का भारी दबाव है। एक ही मामले में सीबीआई, विजिलेंस और ईडी की कार्रवाई देश की न्याय व्यवस्था को भी चुनौती दे रही है।
‘धूमल पुत्र प्रदेश के डॉन बनने की कोशिश न करें’
कांग्रेस के युवा नेताओं ने अनुराग और अरुण धूमल को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ अभद्र भाषा से वे बाज आएं। अगर धूमल पुत्रों ने ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ घेराव और विरोध करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा, मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्रकांत मिश्रा, महेंद्र स्तान, विवेक कुमार और एचआरटीसी के निदेशक मंडल के सदस्य वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के परिवार के खिलाफ धूमल का कोई भी षड्यंत्र कभी सफल नहीं होगा। धूमल पुत्र प्रदेश के डॉन बनने की कोशिश न करें।