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जयराम सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने राजभवन में सौंपी चार्जशीट, ये मुद्दे उठाए

Fri, 28 Dec 2018 10:43 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपी चार्जशीट - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में सत्ता परिवर्तन को एक साल होने पर कांग्रेस ने भाजपा की जयराम सरकार के खिलाफ चार्जशीट राजभवन में सौंपी। अठारह पन्नों की इस चार्जशीट में कांग्रेस ने 36 बिंदुओं पर सरकार को घेरने का प्रयास किया।

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इसमें स्कूल वर्दी, इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, बाबा रामदेव को जमीन देने, तबादलों, एनएच के काम, गवर्नर एवं मंत्रियों को लग्जरी गाड़ियां खरीदने पर कई सवाल उठाए गए हैं।

विभिन्न विभागों में अनियमितताओं का हवाला देते हुए सरकार के खिलाफ कई आरोप लगाए गए हैं। राज्यपाल के राजभवन में नहीं होने पर चार्जशीट एडीसी के माध्यम से गवर्नर को दी गई।
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यह चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर की अध्यक्षता में सौंपी गई। साथ में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक मुकेश अग्निहोत्री, हर्षवर्धन चौहान, कौल सिंह, विजयपाल सिंह, गंगूराम मुसाफिर, नंदलाल मौजूद थे।

जयराम सरकार ने एक साल में जनता को सिर्फ सब्जबाग ही दिखाए

वीरवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता शिमला में प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में एकत्र हुए। पार्टी के बैनर तले कार्यकर्ता कार्टरोड, मुख्यमंत्री सरकारी आवास, छोटा शिमला होते हुए डेढ़ बजे राजभवन पहुंचे।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह ने राजभवन के बाहर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने एक साल में जनता को सिर्फ सब्जबाग ही दिखाए। कहा-सरकार पर अफसरशाही हावी है।

मुख्यमंत्री के पीछे क्या-क्या खेल चल रहा है, इस बारे में वह अनभिज्ञ हैं। सरकार छात्रों को स्कूल वर्दी देने में नाकाम रही। खाद्य आपूर्ति निगम ने वर्दी के टेंडर किए, लेकिन सरकार ने टेंडर रद्द कर अफसर तक का तबादला कर दिया।

इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर भी सरकार पर सवाल उठाए। रामलाल ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने एक साल में जनता को कुछ नहीं दिया। सरकार को इसका खामियाजा आने वाले लोकसभा चुनाव में भुगतना होगा।

धूमल, बिंदल, अनुराग पर मेहरबान सरकार 

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है। धर्मशाला रैली में सरकार ने अफसरों को भीड़ जुटाने में लगा दिया। सरकार हर जगह, हर कदम पर विफल रही है। अफसर मंत्रियों तक को नहीं सुन रहे हैं।    

चार्जशीट में आरोप लगाया है कि पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल, विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल, सांसद अनुराग ठाकुर पर सरकार मेहरबान है। सरकार ने इनके खिलाफ चल रहे 19 मामलों को या तो वापस ले लिया है या फिर वापस लेने की तैयारी है।

चार्जशीट में बिंदल पर भर्ती में कथित अनियमितता, धूमल और उनके बेटे अनुराग पर एचपीसीए को जमीन आवंटन में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। चार्जशीट में खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर और चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा पर भी आरोप लगाए गए हैं।   

बाबा रामदेव को पट्टे के आधार पर भूमि का अनुदान में अनुचित लाभ पहुंचाना 

राजभवन को सौंपी कांग्रेस की चार्जशीट में बाबा रामदेव को लीज पर दी गई जमीन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2010 में योग केंद्र और हर्बल गार्डन की स्थापना को सोलन में साधुपुल के पास ट्रस्ट को लीज पर 28 एकड़, 96.2 बीघा जमीन दी गई थी।

करोड़ों के मूल्य वाली भूमि भाजपा के करीबी बाबा रामदेव को लीज पर दी गई थी। सत्ता संभालने पर पूर्व कांग्रेस सरकार ने राज्य के बड़े हित को ध्यान में रखते हुए पट्टे को रद्द करने का फैसला लिया।

इसके बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर भाजपा सरकार की ओर से 2017 में पट्टे की राशि को संशोधित करने का निर्णय लेकर अनुचित लाभ देने की कोशिश की गई। चार्जशीट में यह भी आरोप है कि सरकार की ओर से हाल ही में टूटीकंडी में मातृवंदना संस्था को भी भूमि की मंजूरी दी गई। 

स्कूल वर्दी देने में विफल रही सरकार 

चार्जशीट में आरोप है कि शिक्षा मंत्री के कार्यालय में निविदाओं को चार महीने से अधिक समय तक लंबित रखा गया। नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक को बिना किसी कारण और तथ्यों के स्थानांतरित कर दिया गया था।

यदि सरकार को किसी भी अनियमितता का संदेह था तो उन्हें समय पर नए सिरे से निविदाओं को बुलाना चाहिए था, ताकि स्कूली छात्रों को वर्दी मिल सके। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि पहली, तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के छात्रों को स्कूल बैग दिए जाएंगे, लेकिन सरकार इस मोर्चे पर भी विफल रही।

50 इलेक्ट्रिक बसों पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने चार्जशीट में शिमला और धर्मशाला शहर के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं। चार्जशीट में कहा गया है कि राज्यपाल को भी इसकी शिकायत सौंपी गई थी। 

परवाणू-सोलन, किरतपुर-मनाली फोरलेन कछुआ चाल में

हिमाचल में भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में तबादला उद्योग में तेजी आई। एक लाख से अधिक तबादलों का आदेश दिया गया। आम लोगों और कांग्रेस नेताओं के करीबी लोगों को पीड़ित किया गया।
लए यह सब किया जा रहा है।

परवाणू-सोलन-शिमला की चार लेनिंग कछुआ चाल से आगे बढ़ रही है। इससे यात्रियों को असुविधा हो रही है। शिमला-चंडीगढ़ के बीच पांच से छह घंटे लगते हैं। इससे राज्य के लोगों के साथ लाखों पर्यटक परेशान हो रहे हैं। कीरतपुर-मनाली सड़क पर काम रुक गया है। चार्जशीट में द्रंग के भाजपा विधायक जवाहर ठाकुर के बेटे पर भी आरोप लगाए गए हैं।

बालीचौक तहसील में लगा दिया अवैध स्टोन क्रशर 

नागचला से औट के बीच फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी ने बालीचौकी तहसील की काउ पंचायत में अवैध रूप से स्टोन क्रशर स्थापित किया है। खनन विभाग ने कंपनी प्रबंधन पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। कंपनी ने स्टोन क्रशर लगाने को न प्रशासन और न ही खनन विभाग से अनुमति ली है। क्रशर बिजली बोर्ड की जमीन पर लगाया गया है।

राज्यपाल, मंत्रियों के लिए खरीदीं आलीशान गाड़ियां
चार्जशीट में आरोप है कि सरकार ने राज्यपाल के लिए 80 लाख की मर्सिडीज और मंत्रियों के लिए फॉरच्यूनर, एसयूवी वाहन खरीदे गए। विधानसभा में मुख्य सचेतक और उप मुख्य सचेतक के पद सृजित करने में एक बार भी नहीं सोचा। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद से अब तक 3,000 करोड़ से अधिक का ऋण लिया है।

हॉर्टिकल्चर मिशन परियोजना रद्द होना संभावित

राज्य में सेब की फसल में सुधार को 2016 में कांग्रेस शासन में 1134 करोड़ की विश्व बैंक सहायता प्राप्त परियोजना को मंजूरी दी गई थी। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह और बागवानी विभाग के प्रधान सचिव जगदीश शर्मा के बीच लड़ाई के कारण राज्य इतनी बड़ी परियोजना सकते में पड़ गई। मंत्री ने बाद में उक्त अधिकारी को हटा दिया।

600 करोड़ का ब्रिक्स प्रोजेक्ट 2 विस क्षेत्रों पर केंद्रित
हिमाचल के लिए जलापूर्ति योजनाओं के सुधार को 600 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है, लेकिन जानकर हैरानी हुई कि सिंचाई और जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने धर्मपुर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रतिनिधित्व वाले केवल दो निर्वाचन क्षेत्रों की योजनाओं को मुख्य रूप से परियोजना के तहत शामिल किया गया।

विवादों के बीच चहेतों को नियुक्ति

पर्यटन, एचआरटीसी, एचपीएसईबी, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग विभाग जैसे विभिन्न विभागों में दागी और विवादास्पद अधिकारियों को बेहतर पोस्टिंग दी गई है। एक अधिकारी, जिन्हें प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में अधीक्षण अभियंता के रूप में तैनात किया गया था, पर्यावरण विभाग में अतिरिक्त निदेशक बनाया गया है। फिर रातोंरात पर्यटन एशियाई विकास बैंक वित्त पोषित परियोजनाओं के परियोजना निदेशक की जिम्मेदारी दी गई।

100 से ज्यादा हत्याएं, 250 रेप
एक वर्ष में कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर हो गई। 100 से ज्यादा हत्याएं, 250 रेप और महिलाओं के खिलाफ  अपराध और एनडीपीएस के एक हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। पुलिस अधिकांश मामले सुलझाने में विफल रही। सीबीआई होशियार सिंह और गुड़िया के हत्यारों को पकड़ने में नाकाम रही। एक सहायक टाउन प्लानर शैल बाला को एक अवैध मामले में जान गंवानी पड़ी। 

मुख्यमंत्री कार्यालय बना आरएसएस दफ्तर 

मुख्यमंत्री का कार्यालय जो एक सार्वजनिक कार्यालय है, यह आरएसएस का दफ्तर बन गया है। जन मंच के नाम से एक नया कार्यक्रम सरकार ने शुरू किया है। इस पर करोड़ों खर्चे गए। इनमें लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं किया गया।

शिमला के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि लोगों के नलों में 15 दिन तक पानी की बूंद नहीं टपकी। लोगों को पानी के  लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। चौपाल से भाजपा विधायक के भवन में पानी की आपूर्ति मुख्य लाइन से की गई।

निरीक्षण के दौरान आईपीएच मंत्री ने इसे कटवाने के निर्देश दिए। नगर निगम की ओर से उन्हें गलत एनओसी दिया गया। ग्रेट खली ने मंडी और सोलन में कुश्ती करवाई। शुरुआत में योजना थी कि युवा सेवाएं एवं खेल विभाग और खली की कंपनी यह रेसलिंग करवाएगी।
 
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बेरोजगारी भत्ते को बंद किया 

प्रमुख सचिव युवा सेवाएं और खेल विभाग के निदेशक ने एक अधिकारी को पत्र लिखा, जिसमें कंपनी को 3 करोड़ की राशि मंजूर की गई, लेकिन निदेशक ने नियमों का हवाला देते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया।

मंडी जिला मुख्यालय के पास कांगणीधार में हेलीपैड के निर्माण पर वन विभाग से अग्रिम मंजूरी लिए बिना अप्रैल 2018 काम शुरू कर दिया गया। भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासन की ओर से शुरू की गई बेरोजगारी भत्ता योजना को रोक दिया।

शिक्षित बेरोजगार युवाओं के हित की रक्षा करने के बजाय उन्हें रोजगार नहीं दिया गया। सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति करने में विफल रही है। लोकायुक्त के पद खाली हैं। 
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