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तंगहाली में कांग्रेस को छोड़नी पड़ी प्रॉपर्टी टैक्स की रियायत

Fri, 06 Jul 2018 12:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुरेश शांडिल्य
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आर्थिक तंगहाली के दौर से गुजर रही हिमाचल कांग्रेस को प्रॉपर्टी टैक्स पर दी जा रही रियायत छोड़नी पड़ी है। राज्य कार्यालय राजीव भवन शिमला का यह सालाना टैक्स प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम शिमला को देना है। अगर यह टैक्स 30 जून से पहले जमा किया जाता है तो इस पर दस प्रतिशत छूट दी जा सकती थी, मगर अब यह अवधि गुजर चुकी है।

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ऐसे हालात में कमेटी को संपत्ति कर के पूरे ढाई लाख रुपये चुकाने होंगे। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बेशक पार्टी के नेता कमर कस लेने की बात कर रहे हों, लेकिन बगैर बजट के बड़े कार्यक्रमों का आयोजन कैसे होगा? यह पार्टी के लिए यक्ष प्रश्न बना हुआ है।

कांग्रेस कमेटी पूर्व मंत्रियों, विधायकों और अन्य नेताओं से पार्टी को फंडिंग करने के लिए बार-बार कह रही है। बावजूद इसके कोई विशेष मदद नहीं मिल पाई है। राजीव भवन शिमला और इसमें कार्यरत कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य दैनिक खर्चे निकालने मुश्किल हो गए हैं।
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न तो हाईकमान से फंडिंग आ रही है और न प्रदेश कांग्रेस के नेता पार्टी के संचालन के लिए फंड देने को तैयार हैं। खुद प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू कई बार यह मामला पार्टी की बैठकों में उठा चुके हैं।

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हाल की एक बैठक में विधायकों के लिए एक-एक लाख रुपये और पूर्व विधायकों के लिए 50-50 हजार रुपये का पार्टी फंड देना जरूरी किया गया है। बावजूद इसके पार्टी के कोष में अभी तक केवल दो विधायकों सुखविंद्र सिंह सुक्खू और रामलाल ठाकुर ने ही एक-एक लाख रुपये जमा किए हैं। इनमें सुक्खू प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और रामलाल ठाकुर महासचिव हैं।

ऐसी स्थिति में नगर निगम के मौजूदा प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने में प्रदेश कांग्रेस कमेटी को ढील देनी पड़ी है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान ने पुष्टि की है कि पार्टी के कोष में पर्याप्त पैसा न होने से नगर निगम का टैक्स छूट के लिए तय अवधि के भीतर नहीं चुकाया जा सका है। अब इसे पूरा ही देना होगा। जैसे ही कहीं से पैसा आता है, इसे चुका दिया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बार-बार अनुरोध किया जा रहा है कि वे इसके लिए मदद करें।
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