फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस विधायक बोले- हिमाचल में नहीं चलेगी 'पकौड़ानॉमिक्स'

Fri, 16 Mar 2018 01:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
विज्ञापन
शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह - फोटो : File Photo
विज्ञापन

शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने बजट चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था केंद्र पर निर्भर करती है। प्रदेश में 8 लाख बेरोजगार हैं। सरकार ने अपने बजट भाषण में इनका जिक्र तक नहीं किया।

विज्ञापन


मोदी सरकार ने दस लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन मिला नहीं। पकौड़ानॉमी की जो व्यवस्था लाई जा रही है, वह ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावों में अनुबंध कर्मियों को नियमित करने की अवधि दो साल करने की बात कही थी, लेकिन बजट में इसका प्रावधान नहीं किया। योजनाओं का नाम बदलने को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।
विज्ञापन


सीएम बनाने में सुजानपुर की जनता का बड़ा योगदान: राजेंद्र
विधायक राजेंद्र राणा ने बजट चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के बनने में सुजानपुर की जनता का बहुत बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री जब सिराज के लिए घोषणा करते हैं तो उन्हें सुजानपुर के लिए घोषणा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग सुजानपुर में विकास कार्य को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए राणा ने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय पकौड़े बेचने में लगा दिया है। उन्होंने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने का मामला उठाया।

कांग्रेस सरकार ने हमारे क्षेत्र में छोडे़ बंदर : गर्ग
शिमला। घुमारवीं से विधायक राजेंद्र गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में हर वर्ग को स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ट्रांस लोकेशन का सिस्टम अपनाया, उसके तहत हमारे विधानसभा क्षेत्र में बंदर छोडे़ गए। बंदरों के आतंक से लोग खेती छोड़ रहे हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बजट में प्रावधान हुआ है। उससे प्रदेश को लाभ मिलेगा।

मैं विधानसभा न पहुंचता तो मुकेश वीरभद्र की बगल में न बैठे होते : जवाहर
शिमला। द्रंग से विधायक जवाहर ठाकुर ने बजट को गरीब किसान, बागवान, युवा और कर्मचारी वर्ग के हित में बताया। उन्होंने अन्य प्रदेशों की तर्ज पर राज्य में दबाव बनाने के लिए अफीम की नियंत्रित खेती की वकालत की।

उन्होंने कहा कि इसका प्रयोग कई तरह की दवाइयों में होता है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वह विधानसभा में नहीं पहुंचते तो वीरभद्र सिंह की बगल में मुकेश इस तरह नहीं बैठे होते।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें