प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी हाईकमान करेगी। हिमाचल में विधानसभा चुनाव सीएम वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में लड़े जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच कोई मतभेद नहीं हैं। दावा किया कि कांग्रेस प्रदेश में सरकार की ओर से पांच साल के किए गए विकास कार्यों के आधार पर ही चुनाव जीतेगी।
शिंदे चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। यह बैठक सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव के प्रांगण में हुई। उन्होंने कहा कि कोई भी चुनाव किसी जाति विशेष के आधार पर नहीं जीता जाता है।
कहा कि वर्ष 1993 में भी उन्होंने पंडित सुखराम और वीरभद्र सिंह को साथ लेकर प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाई थी। इस बार भी सभी को साथ लेकर मिशन रिपीट करेंगे।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने जो वायदे किए थे, वे उन पर खरा नहीं उतरे हैं। शिंदे बोले - उन्होंने प्रदेश का दौरा किया है। यहां कांग्रेस की स्थिति काफी मजबूत है।
स्थानीय विधायक की तारीफ
शिंदे ने स्थानीय विधायक कुलदीप की तारीफों के भी पुल बांधे। कहा कि इन्होंने क्षेत्र के विकास को काफी कार्य किए हैं। आने वाले समय में उन्हें इससे भी बड़ा स्थान मिल सकता है। प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा हमेशा लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करती है।
सर्जिकल स्ट्राइक पहले भी होती थीं, लेकिन इसका शोर नहीं मचाया जाता था। इससे पूर्व चिंतपूर्णी में विधायक कुलदीप ने सुशील शिंदे का भव्य स्वागत किया। इस दौरान जिला अध्यक्ष वीरेंद्र धर्माणी, ब्लॉक अध्यक्ष मास्टर प्रीतम, उपाध्यक्ष बलवान सिंह, बीडीसी अध्यक्ष सतीश शर्मा, रविंद्र फौजी, देसराज गौतम, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।
शिंदे ने चिंतपूर्णी मंदिर में माथा टेका
जिला ऊना के तीन विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर आए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव सुशील शिंदे ने सातवें नवरात्रे पर सुबह मां चिंतपूर्णी के दरबार में माथा टेका और पूजा-अर्चना की।
विधायक एवं वित्तायोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने उन्हें माता की तस्वीर और चुन्नी भेंटकर सम्मानित किया। प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।