चंबा के खजियार में बर्फ के बीच खाद्य सामग्री लेकर जाते बच्चे।
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चंबा जिले में बर्फबारी के बाद अब तक हालात सामान्य नहीं हो पाएं हैं। चार दिन से जिले में 272 ट्रांसफार्मर बंद होने से सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। बिजली आपूर्ति बहाल न होने से बीमार लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों को अपनों से बात करने के लिए मीलों पैदल सफर तय कर दूसरे गांवों में पहुंच कर मोबाइल चार्ज करने पड़ रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में हालात पटरी पर लौटने के लिए अभी लंबा समय लग सकता है। वहीं जिले के 32 मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु नहीं हो पाई है। विभागीय टीमें सड़कों को बहाल करने में देर रात तक जुटी रहीं। बर्फबारी के चलते 20 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से ग्रामीणों को मजबूरन बर्फ पिघलाकर ही काम चलाना पड़ रहा है। लोगों ने व्यवस्था को जल्द पटरी पर लाने की प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से मांग की है।
गौर रहे कि मंगलवार को हुई भारी बर्फबारी ने व्यवस्थाओं को चकाचक रखने वाले विभागों की पोल खोल कर रख दी है। आलम यहहै कि विद्युत बोर्ड के तीसा सब डिविजन में 176, पांगी में 44, सलूणी में 31, चंबा में 13 और भरमौर में आठ ट्रांसफार्मर चार दिन से बंद पड़े हुए हैं। बिजली सप्लाई न होने से ग्रामीण ठंड में ठिठुरने के लिए विवश हैं। इसके अलावा चुराह विधानसभा क्षेत्र के तहत 15, सलूणी में 12, भरमौर में 2, चंबा, भटियात और पांगी में एक-एक मार्ग भूस्खलन और भारी बर्फबारी के कारण वाहनों की आवाजाही के लिए बंद पड़े हुए हैं।
वाहनों की आवाजाही बंद होने से लोगों को अपनी दैनिक उपयोग का सामान और राशन लाने के लिए मीलों पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। इससे लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने बताया कि जिले में विभागीय टीमें व्यवस्थाओं को सुचारू करने के लिए जीजान के साथ जुटी हुई हैं। कहा कि जल्द व्यवस्थाओं को सुचारू करवाने के प्रयास जारी हैं।