उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने राज्य उद्योग विभाग के अधिकारियों से सौ दिनों के लक्ष्य दस्तावेज और रोड मैप तैयार करने को कहा है। मंत्री शुक्रवार को उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। बिक्रम सिंह ने कहा कि विभाग को कुछ नया करना चाहिए और कुछ अग्रणी विचारों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने ऊना जिले के पंडोगा और कांगड़ा जिले के कंदरौड़ी अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों के कार्य में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने नए उद्योग स्थापित करने के लिए धारा-118 के अंतर्गत स्वीकृतियों को विशेष मामलों के तौर पर निपटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि खनन स्थल तथा खदानों की नीलामी पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए।
उद्योग विभाग के निदेशक राजेश शर्मा ने मंत्री का स्वागत किया और विभाग की विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा दिया जबकि विभाग के अतिरिक्त निदेशक अनुपम कश्यप ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उद्योग विभाग के प्रधान सलाहकार राजेंद्र चौहान, राज्य भू - वैज्ञानिक रजनीश शर्मा, खादी बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय सांजटा मौजूद रहे।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपभोक्ताओं को उचित गुणवत्ता वाला राशन उपलब्ध कराएं। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर उचित मूल्यों की दुकानों का निरीक्षण करने और आटा, दाल, चावल और अन्य खाद्यान्न के जगह- जगह से सैंपल लेने के निर्देश दिए।
कपूर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खरीद के लिए राशन के जो सैंपल स्वीकृत किए जाते हैं, उनके अनुरूप ही राशन की आपूर्ति होनी चाहिए। अगर खाद्य आपूर्ति की प्रयोगशाला के साथ साथ पड़ोसी राज्यों की प्रयोगशालाओं में भी सैंपलों की जांच होनी चाहिए।
कपूर ने अगले 100 दिनों में शत-प्रतिशत राशन कार्डों को आधार से जोड़ने की बात कही। उन्होंने निगम के कामकाज की भी समीक्षा की। निगम के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, प्रबंधक निदेशक डॉ. आरएन बत्ता, नागरिक आपूर्ति विवेक भाटिया इस दौरान मौजूद रहे।
शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि विकास कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और विभागीय कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित बनाई जानी चाहिए। चौधरी हिमुडा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रही थीं। उन्होंने हिमुडा को विकास कार्यों में तेजी लाने के आदेश दिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने कहा कि लोगों विशेषकर गरीब व मध्य आय वर्ग की आवास की मांग को पूरा करना हिमुडा के समक्ष एक बहुत बड़ी चुनौती है। हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कश्यप, मुख्य अभियंता उमेश शर्मा और विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
मंत्री ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन के पांच कलस्टर बद्दी, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला और मंडी में स्थापित किए जाएंगे। हिमुडा के निदेशक डीके गुप्ता, नगर निगम शिमला के आयुक्त रोहित जम्वाल, कार्यकारी निदेशक नरेश ठाकुर मौजूद रहे।