हिमाचली फिल्म को प्रदेश के भीतर शूट किया तो 50 लाख रुपये तक की ग्रांट मिलेगी। हिंदी और अंग्रेजी की फिल्मों की शूटिंग पर दो करोड़ रुपये तक की अधिकतम ग्रांट दी जाएगी। हिमाचल में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने नई फिल्म नीति को मंजूर कर दिया है। इसका उद्देश्य प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता का फि ल्मांकन कर इसे देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।
राज्य में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए नई फिल्म नीति 2019 में कई तरह के प्रावधान किए गए हैं। अगर कोई किसी हिमाचली बोली में फिल्म बनाता है और उसकी 75 फीसदी शूटिंग हिमाचल के अंदर ही होती है तो उसे 50 लाख रुपये तक की ग्रांट दी जाएगी।
इसी तरह से हिंदी या अंग्रेजी की कोई फिल्म बालीवुड या हॉलीवुड की कोई हस्ती शूट करती है तो दो करोड़ रुपये तक की ग्रांट इस शर्त पर मिलेगी कि 50 फीसदी तक शूटिंग हिमाचली परिवेश में होनी चाहिए। अगर तीन कलाकार हिमाचल के हों तो 25 लाख रुपये की अतिरिक्त ग्रांट मिलेगी।
नए सिनेमाघर बनाने और पुराने शुरू करने पर भी ग्रांट
इस नीति के अनुसार अगर नए सिनेमाघर बनाए जाते हैं या पुरानों का जीर्णोद्धार किया जाता है तो उन्हें भी ग्रांट दी जाएगी और करों में छूट दी जाएगी। पुराने सिनेमा घर के जीर्णोद्धार के लिए जहां 25 लाख रुपये की ग्रांट देने का निर्णय लिया गया है। नए सिनेमा घर के लिए भी प्रावधान हैं। एसजीएसटी में 50 से 75 फीसदी छूट का प्रावधान होगा। फिल्म सिटी खोलने पर सरकार लीज पर जमीन देगी।