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एक क्लिक में पढ़िए, कैबिनेट के अहम फैसले

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हिमाचल प्रदेश के तकरीबन सात हजार पैरेंटस टीचर्स एसोसिएशन (पीटीए) शिक्षकों के लिए अच्छी सूचना है। राज्य सरकार ने इन्हें नए साल का तोहफा दिया है।पीटीए शिक्षकों को आठ साल के स्थान पर अब सात साल में ही अनुबंध पर रखा जाएगा। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को बिलासपुर में स्थापित करने का फैसला लिया गया।
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प्रदेश के लोगों को बड़े स्तर पर लाभ पहुंचाने और पांच जिलों सोलन, मंडी, हमीरपुर, ऊना और शिमला से निकटता को ध्यान में रखते हुए एम्स को बिलासपुर में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। तर्क दिया गया कि बिलासपुर प्रदेश का केंद्र बिंदु है। ऐसे में इससे बेहतर कोई स्थान नहीं हो सकता है।

धर्मशाला में ही रहेगा केंद्रीय विश्वविद्यालय

बैठक में केंद्रीय विश्वविद्यालय को धर्मशाला में खोलने पर सहमति बनी। इस पर भी लंबे समय से देहरा और धर्मशाला को लेकर विवाद चल रहा था। इस तरह से विश्वविद्यालय परिसर पर चली खींचतान शुक्रवार को खत्म मानी जा रही है। सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए जमीन के बारे में केंद्रीय टीम की शर्तों को मान लिया गया। मंत्रिमंडल ने इन्हीं शर्तों को मानते हुए शाहपुर में भी विश्वविद्यालय को अतिरिक्त भूमि देने पर सहमति दर्ज कर ली।

भाजपा के कुछ नेता इस विश्वविद्यालय को देहरा में खोलना चाह रहे हैं। दो दिन पहले भाजपा के दो नेताओं ने इसे देहरा में खोलने के प्रस्ताव के साथ केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी से भी भेंट की। कांग्रेस सरकार के नेता इसका परिसर धर्मशाला में ही स्थापित करना चाहते हैं। विशेषकर शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा चाहते हैं कि यह उनके निर्वाचन क्षेत्र धर्मशाला में ही खुले। धर्मशाला और देहरा दोनों ही जगहों पर इन्हें खोलने के लिए पहले जो जमीनें देखी गई थीं, उन पर केंद्र से आई टीम ने आपत्तियां लगाई थीं।

मंत्री सुधीर शर्मा ने माना है कि केंद्रीय टीम की तरफ से रखी गई इन शर्तों को मान लिया गया है। मंत्रिमंडल ने इसे धर्मशाला में ही खोलने का निर्णय ले लिया है। कैबिनेट ने सर्वसंमति से प्रस्ताव पारित किया कि गत दो वर्ष के दौरान मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में वर्तमान सरकार द्वारा कार्यान्वित कार्यक्रमों और नीतिया से प्रदेश के सभी क्षेत्रों का विकास हुआ।

40 नए पद भरने की मंजूरी

राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री और एंडोडोंटिक्स विभाग में प्रवक्ता का एक पद भरने पर सहमति बनी। सिस्टर निवेदिता राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय शिमला में मेडिकल और शल्य विशेषज्ञ के प्रवक्ता के दो पदों को भरने का भी निर्णय लिया गया। कांगड़ा के सलियाना स्थित आईटीआई में शिक्षकों-गैर शिक्षकों के 33 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई।

हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी में अनुबंध आधार पर दो पद वरिष्ठ आशुलिपिक तथा एक पद कनिष्ठ आशुलिपिक के सृजित करने को भी मंजूरी प्रदान की। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य, सुरक्षा और नियामन निदेशालय में सेकंडमेंट आधार पर विधि अधिकारी का एक पद सृजित करने को भी मंजूरी दी।

मंत्रिमंडल के ये भी महत्वपूर्ण फैसले

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ननखड़ी में सभी क्रियाशील पदों को भरने पर सहमति बनी है। शिमला के कोहबाग के स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र के स्तरोन्यन की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य देहरा के प्रशासनिक नियंत्रण को सर्किल हमीरपुर से कांगड़ा के धर्मशाला को परिवर्तित करने की मंजूरी प्रदान की गई है। ऊना के अंब के राजकीय आईटीआई गगरेट का नाम बदलकर आईटीआई गगरेट भद्रकाली किया जाएगा।

पुलिस भर्ती वाले सिपाहियों को तगड़ा झटका

हिमाचल प्रदेश में नई पुलिस भर्ती वाले सिपाहियों को तगड़ा झटका लगा है। उन्हें अब दो साल के बजाय आठ साल में हायर ग्रेड पे का लाभ दिया जाएगा। सचिवालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया है। हालांकि यह व्यवस्था दूसरे विभागों के समान ही की गई है। पुलिस विभाग में सीधे तौर पर नियमित भर्ती की जाती है। जबकि, अन्य विभागों में पहले अनुबंध और उसके बाद नियमितीकरण किया जाता है।

राज्य में पुलिस सिपाहियों को शुरूआती ग्रेड पे 1900 रुपये है। जबकि स्केल 5900-20200 रुपये पर तैनाती की जाती है। दो साल की सेवा पूरी करने के बाद ही सिपाहियों को 3200 रुपये का ग्रेड पे और 10300-34800 रुपये का स्केल दे दिया जा रहा था। जबकि, दूसरे विभागों में यह ग्रेड पे आठ साल की सेवा पूरी करने के बाद ही किसी कर्मचारी को मिल पा रहा था। इसका कारण यह था कि सिपाहियों की नियुक्ति नियमित की जाती है।

जबकि अन्य विभागों में पहले अनुबंध और उसके बाद उन्हें नियमित किया जाता है। ऐसे में दूसरे विभागों में आठ साल की सेवा पूरी करने के बाद ही 3200 रुपये का ग्रेड पे दिया जाता था। इसको ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग की ओर से प्रस्ताव किया गया था कि सभी विभागों के कर्मचारियों को एक समान वेतनमान का लाभ मिले, जिसे मंजूर किया गया।

नर्सिंग कालेज में अब 100 सीटें
कांगड़ा में स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग कालेज की सीटें 40 से बढ़ाकर 100 करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा नालागढ़ अस्पताल को 100 बिस्तर का बनाने की मंजूर भी दी गई।
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छह साल संघर्ष के बाद मिली सफलता

प्रदेश सरकार ने ग्रांट इन एड आधार पर भर्ती पीटीए शिक्षकों को छह साल के लंबे संघर्ष के बाद अनुबंध का तोहफा दिया है। इन शिक्षकों ने नौकरी बचाने से लेकर अनुबंध पर लाने और नियमित करने की मांगों के लिए 2008 से प्रदर्शन किए। ये शिक्षक सड़कों पर उतरे, विधानसभा का घेराव किया और सचिवालय के बाहर महीनों संघर्षरत रहे।

भाजपा के कार्यकाल में हजारों शिक्षकों ने नौकरी बचाने की खातिर सचिवालय और विधानसभा के बाहर महीनों प्रदर्शन किए। पांच सितंबर, 2008 को विधानसभा के बाहर प्रदर्शनरत शिक्षकों पर घोड़े तक दौड़ाए गए। इसके अलावा 6 अक्तूबर, 2008 को लगातार दो महीने से सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर लाठियां बरसाई गईं। दर्जनों शिक्षक घायल और चोटिल हुए। इतने ही शिक्षकों पर पुलिस मामले बनाए गए।

नौकरी से हटाना शुरू कर दिया था भाजपा सरकार में
वर्ष 2008-09 में भाजपा कार्यकाल में पीटीए शिक्षकों को बैक डोर एंट्री का नाम देकर इनकी नियुक्ति की जांच शुरू कर दी। कई बार जांच के दौर से गुजरने के बाद 6945 पीटीए शिक्षकों में से 917 को हटा दिया गया। इसके अलावा 300 अन्य शिक्षकों को भी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। इस तरह कुल 1217 शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया। करीब 200 शिक्षक भी कोर्ट के माध्यम से नौकरी बचाने की जद्दोजहद में हैं।

ब्रेक पीरियड पर फैसला नहीं
पीटीए शिक्षकों के ब्रेक पीरियड पर कैबिनेट की बैठक में कोई निर्णय नहीं हुआ। कैबिनेट की बैठक के बाद कार्यकारी मुख्य सचिव ने ब्रेक पीरियड, आरटीई और आर एंड पी रूल्स जैसे मुद्दों को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से अलग से बैठक की। बैठक के बाद ब्रेक पीरियड शिक्षकों की विभाग से डाटा लेने का फैसला किया गया। इनमें टर्मिनेशन, प्रदर्शन, ईओएल, बैन पीरियड और मैटरनिटी लीव के कारण सेवाकाल में आए गैप संबंधी जानकारी शामिल हैं।

अब नियमितीकरण के लिए संघर्ष
पीटीए टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक मेहता ने कहा कि सरकार ने अपना चुनावी वादा पूरा किया। इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं। अब नियमितीकरण के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। शीघ्र मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से आभार व्यक्त करने के लिए प्रतिनिधि मंडल मिलेगा।
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