हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष खत्म होने के बावजूद कई योजनाओं का बजट खर्च नहीं हो पाया है। विकेंद्रीयकृत योजना के अलावा राज्य आपदा राहत निधि और अन्य स्कीमों के लिए आवंटित बजट भी खर्च नहीं हो पाया है। कई क्षेत्रों में सांसद और विधायक निधि भी बिना खर्च रह गई है। विभिन्न योजनाएं आदर्श चुनाव आचार संहिता के फेर में फंस गई हैं। ऐसे में कई स्कीमों का बजट तो सरेंडर करने की नौबत आ गई है।
31 मार्च को वित्तीय वर्ष 2023-24 खत्म हो गया है। राज्य में इस वित्त वर्ष के खत्म होने से काफी दिन पहले आदर्श चुनाव आचार संहिता लग जाने के बाद से ही नए सिरे से बजट खर्च की प्रक्रिया रुक गई। उपायुक्तों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का बजट पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से व्यय किया जाना था। इनमें विकेंद्रीयकृत योजना और एसडीआरएफ जैसे कई तरह के फंड शामिल हैं।
संपर्क सड़क निर्माण और रिटेनिंग वाॅल लगाने का बजट खर्च नहीं हुआ
जिला शिमला की कमाह पंचायत के गांव पलाना में संपर्क सड़क निर्माण और यहां रिटेनिंग वाॅल लगाने के लिए दो लाख रुपये मंजूर हुए करीब तीन महीने हो गए। इसे सांसद निधि से मंजूर करवाया गया है, मगर अधिकारी बता रहे हैं कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लग जाने से यह बजट अभी खर्च नहीं हो पाएगा। ऐसे में वित्तीय वर्ष 2023-24 में व्यय करने के लिए मंजूर यह बजट अब वित्तीय वर्ष 2024-25 में खर्च हो पाएगा कि नहीं, इस पर स्थिति साफ नहीं है।