विपक्ष के हमले से बचने के लिए विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत उनके वजीर बार-बार एक बात दोहरा रहे हैं और इसे ढाल बना रहे हैं।
रक्षात्मक मुद्रा में आते हुए मंत्री प्रश्नकाल में विपक्ष के तीखे सवालों का बार बार यही जवाब दे रहे हैं कि सरकार को सत्ता में आए हुए अभी दो ही महीने हुए हैं, अभी चीजों को समझा जा रहा है।
सरकार का यह फार्मूला कुछ हद तक सत्ता पक्ष के लिए काम भी आता दिख रहा है लेकिन विधानसभा के दूसरे और अहम सत्र में सरकार का डिफेसिव होना विपक्ष को हमलावर होने का मौका दे रहा है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर विधानसभा में बार-बार यह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्हें सत्ता में आए हुए अभी दो महीने ही हुए हैं। बजट सत्र के पहले दिन से लेकर दूसरे दिन भी यह बात दोहराई गई है।
कहा जा रहा है कि सरकार के इस अल्पकाल में कांग्रेस विधायकों की ओर से हिसाब मांगा जाना ठीक नहीं है। बुधवार को जब रोहडू के कांग्रेस विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने पेयजल योजनाओं का मामला उठाया तो आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने दो महीने की बात दोहरा डाली।
स्वास्थ्य संबंधित प्रश्न के उतर में स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार भी यह बात कहते कहते नहीं थके। विधानसभा में विपक्ष दो दिनों से सत्ता पक्ष पर शब्दों के तीखे प्रहार कर रहा है लेकिन सरकार की ओर से बड़ी शालीनता के साथ इसका जवाब दिया जा रहा है।
विपक्ष बार बार सरकार पर बना रहा दबाव
विधानसभा में विपक्ष बार बार सत्ता पक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश में लगा है। पहले दिन विपक्ष ने भू अधिनियम धारा - 118 का मामला उठाकर सरकार को घेरा जबकि दूसरे दिन बुधवार को तबादलों पर आक्रामक रुख अपनाकर सदन का वाकआउट किया।