सरकार ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए नया फैसला लिया है। अब सरकार हिमाचली विरासत पर छोटे सांस्कृतिक स्मृति चिन्ह बनाएगी। इसके अलावा प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा तैयार की गई कला वस्तुओं की बिक्री/प्रदर्शनी के लिए प्रदेश के विभिन्न भागों में शिल्प ग्राम मेलों का आयोजन किया जाएगा।
विद्यार्थियों, अनुसंधान कर्ताओं के लाभ के लिए भाषा कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा विलुप्त होती पांडुलिपियों तथा दुर्लभ पुस्तकों को डिजिटलाइज्ड कर एक डिजिटल पुस्तकालय बनाया जाएगा। जयराम सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को राज्य के विभिन्न धार्मिक स्थलो की यात्रा करवाने के लिए एक नई योजना देवभूमि दर्शन योजना शुरू करने का फैसला लिया है।
इसके अलावा नई योजना आज पुरानी राहों से शुरू कर सरकार ने प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की स्मृतियों, ऐतिहासिक घटनाओं तथा विलुप्त/अनछुई सांस्कृतिक धरोहरों/विरासतों को सांस्कृतिक गाइड के माध्यम से बताने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि इससे सांस्कृतिक पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की संस्कृति को धरोहर के रूप में संजोए रखना संभव होगा।
सरकार ने ऐसे जिला मुख्यालयों जहां इंडोर सभागृह की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां के लिए सभागृहों के निर्माण के लिए 25 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। राज्य की संस्कृति तथा साहित्य को संजोए रखने के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कलाकार विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। ऐसे कवियों, लेखकों, साहित्यकारों को जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए दैनिक भत्तों में 50 फीसदी वृद्धि करने का फैसला लिया है।