भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हिमांशु मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रही है। यह संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि इन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को केवल 21 सीटें मिली हैं और कांग्रेस अपना विपक्ष का नेता भी नहीं बना पाई है।
आज 7479 बूथों में से कांग्रेस केवल लगभग 2000 बूथों पर ही बढ़त बना पाई है और बाकी बूथों पर भाजपा ने अपना परचम लहराया है। मिश्रा ने कहा कि यदि ईवीएम में गड़बड़ी होती तो कांग्रेस एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाती।
हर चुनाव के पश्चात उनका एक ही आरोप होता है कि ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से उनकी पार्टी की हार हुई है, क्योंकि उनके पास और कोई मुद्दा ही नहीं है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं वहां पर कांग्रेस पार्टी ईवीएम में गड़बड़ी की कोई भी शिकायत व आपत्ति दर्ज नहीं करती।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह और वन एवं परिवहन मंत्री मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और अनावश्यक खर्च के कारण राज्य कर्ज के बोझ के तले दबा है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश पर 46 करोड़ रुपये का ऋण है।
कांग्रेस नेता अपनी भूल को स्वीकार करने के बजाए प्रदेश की खराब वित्तीय हालत के लिए पूर्व भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं जो कि पूरी तरह अनुचित व असंगत है।
मंत्रियों ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने ही प्रदेश को दयनीय वित्तीय स्थिति की ओर धकेला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 45 से भी ज्यादा लोगों को विभिन्न बोर्डों तथा निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया गया।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के सभी करीबी लोगों को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पदों से नवाजा गया जिससे सालाना करोड़ों रुपये के अनावश्यक खर्च का बोझ राज्य कोष पर पड़ा। कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में बिना किसी वित्तीय प्रावधानों के विभिन्न घोषणाएं की।