बंदला साइट से उड़ान भरता पंजाब का पायलट।
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बंदला पैराग्लाइडिंग साइट से वीरवार को पहली बार उड़ान भरी गई। दिन में थोड़ी देर के लिए मौसम साफ हुआ और इसी दौरान साइट से पहली उड़ान भरी गई। बंदला में पैराग्लाइडिंग के शौकीनों का आना शुरू हो गया है। वीरवार को पंजाब के कोटकपूरा से एक्रो पायलट अर्शदीप बंदला पहुंचे और मौसम साफ होते ही उन्होंने उड़ान भरी। बंदला से उड़ान भरने के बाद उन्होंने लुहणू मैदान में लैंडिंग की।
उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा कि देश में इस प्रकार की कोई साइट नहीं है। एक्रो गतिविधियों के लिए यह साइट सुरक्षित है। पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संजीव ठाकुर ने बताया कि साइट शुरू होने के बाद पहली उड़ान भरी गई। साइट से अब लगातार उड़ानें भरी जाएंगी। स्थानीय पायलट भी उड़ानें भरना शुरू करेंगे। इसके साथ ही व्यावसायिक गतिविधियां भी शुरू हो जाएंगी। बाहरी राज्यों से पैराग्लाइडिंग के शौकीन यहां आने के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं।
छात्रों को 20 सितंबर से देंगे पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण
बंदला पैराग्लाइडिंग साइट में भले ही प्रशिक्षण शिविर 20 सितंबर से शुरू होंगे, लेकिन यहां प्रशिक्षण के लिए बुकिंग अभी से होने लगी है। 30 जून को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अधिूसचित बंदला साइट में बाहरी राज्यों के चार स्कूलों ने नवंबर तक के लिए एडवांस बुकिंग करवाई है। यहां पर 20-20 के दल को 10-10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बंदला पैराग्लाइडिंग साइट एक्रो गतिविधियों के लिए देश में सबसे सुरक्षित साइट माना जाता है।
अधिसूचना जारी होते ही बाहरी राज्यों के कई स्कूलों ने यहां पर प्रशिक्षण के बुकिंग करवानी शुरू कर दी है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों से प्रशिक्षु यहां पहुंचेंगे। इसे देखते हुए स्थानीय लोगों ने बाहर से आने वाले पर्यटकों, पैराग्लाइडर पायलटों और प्रशिक्षुओं के लिए होम स्टे बनाए हैं। उनके लिए खाने की सुविधा भी स्थानीय लोग उपलब्ध करवाते हैं।
हवा में करतब दिखाते हुए झील में लैंडिंग करते हैं मानव परिंदे
एक्रो पैराग्लाइडिंग में पैराग्लाइडर आसमान में कई तरह के करतब करते हैं। साइट से टेक ऑफ करने के बाद मानव परिंदे पानी की झील के ऊपर कई तरह की अठखेलियां करते हैं। एक्रो सिर्फ ऐसी जगहों पर होती है, जहां नीचे पानी हो। साइट से उड़ान भरने के बाद लैंडिंग गोबिंद सागर झील के किनारे होती है। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु झील में उतरते हैं। झील के चलते साइट एक्रो के लिए सबसे बेहतर है। यह विश्व की तीन एक्रो साइटों में शामिल है।