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हिमाचल विधानसभा सत्र: सीएम बोले- बेनामी भू सौदों की होगी जांच, गगल और गगरेट के मामलों के लिए बनेगी एसआईटी

Tue, 17 Feb 2026 08:21 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

धारा 118 की मंजूरी के बिना हुए बेनामी सौदों में भूमि को सरकार कब्जे में लेगी। ऐसे मामलों में मुआवजा भी जारी नहीं किया जाएगा। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का सदन में संबोधन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बेनामी भूमि सौदों की जांच होगी। गगल और गगरेट के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की जाएगी। धारा 118 की मंजूरी के बिना हुए बेनामी सौदों में भूमि को सरकार कब्जे में लेगी। ऐसे मामलों में मुआवजा भी जारी नहीं किया जाएगा। मंगलवार को कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठाया। कालिया ने सदन में उत्तराखंड से सेवानिवृत्त एक अधिकारी पर दलाली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गगरेट में इस अधिकारी के खिलाफ 8 लाख रुपये के फ्रॉड की एफआईआर दर्ज है लेकिन, एक साल से केस आगे नहीं बढ़ा है। उन्होंने कहा कि गगल हवाई अड्डे के आसपास बड़े स्तर पर बेनामी लेनदेन हुआ है। गगरेट में भी अव्यवस्था फैली है। जमीन के बेनामी सौदे हो रहे हैं। पहले यह अधिकारी कांग्रेस का सलाहकार था, अब भाजपा का सलाहकार बन गया है। हिमाचल में सरकार गिराने के प्रयास में भी ऐसे लोगों का हाथ रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में यूपी कल्चर लाया जा रहा है।

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एसआईटी की जांच के बाद कार्रवाई होगी
जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे मामले में एसआईटी की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी। विधायक कालिया मामले से जुड़े तथ्यों की कॉपी मुझे और डीजीपी को सौंपे। इन मामलों में अधिकारी के कनेक्शन की भी जांच होगी। बाहरी राज्यों के लोगों को हिमाचल में भूमि लेने के लिए धारा 118 की जरूरत होती है। इन मामलों में जमीन खरीद कर दलाली करने के संदर्भ में कानूनी पक्ष भी देखा जाएगा। अगर किसी गरीब की जमीन को धोखाधड़ी के माध्यम से लिया होगा तो कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। भ्रष्टाचार को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सीधी भर्ती से दो साल में 8,784 पद भरने को दी अनुमति : सुक्खू
 मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि सीधी भर्ती से दो साल में 8,784 पद भरने को अनुमति दी गई है। विधायक लोकेंद्र कुमार के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें से 42 पद अंशकालिक, पांच पद अस्थायी और 712 पद आउटसोर्स आधार पर भरने का विचार रखती है। लोकसेवा आयोग को 2,040 पद तथा राज्य चयन आयोग को 524 पद भरने की अनुशंसा प्राप्त हुई है। 
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हिमाचल के 9,406 स्कूलों में लग रही स्मार्ट क्लास
 विधायक हंसराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के 9,406 स्कूलों में स्मार्ट क्लास लग रही है। 2,419 स्कूलों में कंप्यूटर लैब और 8,599 स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन व्यवस्थाओं को अन्य स्कूलों में भी लागू करना उन स्कूलों में छात्रों के नामांकन पर निर्भर करता है। यदि किसी स्कूल में नामांकन राष्ट्रीय स्तर के नामांकन पैमाने अनुसार हो तो ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाता है। 
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