कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू से डॉक्टरों को नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भेजने का आरोप लगाते हुए लोगों की परेशानियां बढ़ने का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आर्थो का चिकित्सक नहीं है। मेडिसन और सर्जरी का एक-एक चिकित्सक है। इससे ट्रामा सेंटर नहीं चल पा रहा है। अगर अस्पतालों से चिकित्सक मेडिकल कॉलेजों में ही ले जाने हैं तो कुल्लू में भी मेडिकल कॉलेज खोल देना चाहिए।
इस पर मुख्यमंत्री की जगह जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि कुल्लू में स्वीकृत 37 से में 27 चिकित्सक हैं। प्रदेश में शायद ही इतने अधिक चिकित्सक कहीं होंगे। आर्थो चिकित्सक की उपलब्धता होते ही नियुक्ति कर देंगे। उधर, सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने होम्योपैथी चिकित्सक की नियुक्ति का मामला उठाया। इसके जवाब में मंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में 12 होम्योपैथी केंद्रों में 14 स्वीकृत पद हैं। चंबा में दो और लाहौल स्पीति में एक पद रिक्त है। लोकसेवा आयोग के माध्यम से भर्ती की जा रही है।
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सकों की कमी के चलते एमसीआई के निर्देशानुसार टांडा और आईजीएमसी में चिकित्सकों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। मशीनों को ठीक तरीके से चलाने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।
इससे पूर्व बैजनाथ के विधायक मुलख राज ने राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला, सिविल अस्पताल बैजनाथ और चढ़ियार में अल्ट्रासाउंट मशीनें खराब होने का मामला उठाया। इस पर मंत्री ने बताया कि बैजनाथ अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन सुचारु है। आयुर्वेदिक अस्पताल में बजट उपलब्ध होते ही मशीन की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।