सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वंदे मातरम विवाद को लेकर बढ़ा सियासी तापमान।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को भी सदन में सियासी माहौल गर्म रहने के आसार हैं। सत्र के शुरुआती दो दिनों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। इसी मुद्दे पर दोनों दलों ने विधानसभा परिसर में अलग-अलग प्रदर्शन भी किए।
सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे से शुरू होगी। इससे पहले दोनों विधायक दलों की बैठक में सदन के भीतर उठाए जाने वाले मुद्दों और रणनीति पर चर्चा हो सकती है। विपक्ष सरकार को घेरने के लिए विभिन्न जनहित के मुद्दे उठा सकता है, जबकि सत्ता पक्ष भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।
विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार हिमाचल की 14वीं विधानसभा का यह 12वां सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर तक चलेगा। सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें निर्धारित हैं। विधानसभा सचिवालय को विधायकों की ओर से बड़ी संख्या में सवाल और विभिन्न नियमों के तहत नोटिस प्राप्त हुए हैं।
वंदे मातरम विवाद से बढ़ा सियासी तापमान
सत्र के पहले और दूसरे दिन वंदे मातरम तथा राष्ट्रगान को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया। भाजपा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत के पूरे गायन को लेकर सरकार का रवैया उचित नहीं था। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा पर सदन की कार्यवाही को राजनीतिक मुद्दों से प्रभावित करने का आरोप लगाया।
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर समेत भाजपा नेताओं ने रविवार को शिमला के रिज मैदान पर वंदे मातरम और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया। इसके बाद राज्य की राजनीति में यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया।