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इस परिवार के साथ आने से भाजपा को मिली बड़ी जीत, कांग्रेस का पत्ता साफ

Mon, 18 Dec 2017 06:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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एक दिग्गज परिवार का भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए महंगा पड़ गया है। इसका असर ऐसा हुआ कि हिमाचल विस चुनाव में कांग्रेस को पूरे जिला में ही करारी हार झेलनी पड़ी है। कांग्रेस का जिला में पत्ता साफ हो गया है। 
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मंडी जिले में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने से पंडित सुखराम ने यह तय कर दिया है कि सुकेत की राजनीति उनके ही इर्द-गिर्द घूमती है। सुखराम ने जब-जब जिस पार्टी साथ दिया, मंडी जिले से उन्हें फायदा ही हुआ है। 

वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव के दौरान पंडित सुखराम कांग्रेस पार्टी में थे, उस दौरान मंडी जिले से कांग्रेस को पांच सीटें आई थीं। हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी थी। वर्ष 1998 में भाजपा की सरकार बनाने वाले भी पंडित सुखराम ही थे। 
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कांग्रेस के दिग्गज हो गए धराशायी

पंडित सुखराम के भाजपा में शामिल होने से मंडी जिले में इस बार कांग्रेस के दिग्गज धराशायी हो गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह और उनकी बेटी चंपा ठाकुर, पूर्व आबकारी एवं कराधान

मंत्री प्रकाश चौधरी, करसोग विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस वरिष्ठ नेता मनसाराम, सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के सोहन लाल को हार का मुंह देखना पड़ा है। इनमें कई नेता ऐसे हैं, जो पहले पंडित सुखराम के साथ चलते थे। इस बार पंडित ने भाजपा का दामन थाम लिया है।
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सीएम का घमंड कांग्रेस को ले डूबा : सुखराम 

पंडित सुखराम ने कहा कि सीएम वीरभद्र सिंह का घमंड और परिवार की चाह ही कांग्रेस को ले डूबी है। उन्हें प्रदेश की जनता ने आइना दिखाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी बदलने के बाद भी सदर की जनता ने उनके परिवार को समर्थन दिया है। यह जनता की जीत है।   सुखराम परिवार का रहा है मंडी सदर में दबदबा
मंडी सदर की सीट कांग्रेस की झोली में होती थी। इस सीट से सुखराम के बेटे अनिल शर्मा कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ते रहे हैं। इस बार सुखराम का परिवार भाजपा में शामिल हुआ है। भाजपा ने अनिल शर्मा को ही भाजपा का प्रत्याशी बनाया था। अनिल शर्मा फिर से इस सीट पर विजयी हुए हैं। 

 
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