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रिपोर्ट कार्ड: मंत्रीजी स्मार्ट सिटी लाए, आईटी पार्क और रोपवे का दावा हवा

Thu, 12 Oct 2017 02:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
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सुधीर शर्मा (कांग्रेस) 
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विधायक निधि का ब्यौरा 
पांच वर्षों में विधायक निधि का 2.85 करोड़ रुपये जारी हुआ है, जिसे धर्मशाला के विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च किया गया है। 2013 और 14 में एक करोड़, 2015 में 75 लाख रुपये और 2016 में एक करोड़ रुपये विधायक निधि के जारी हुए।   
हेडिंग - रेल न रोपवे, आईटी पार्क और ट्यूलिप गार्डन का वादा भी हवा

2012 के चुनाव में किए वायदे 
-धर्मशाला-गगल-चामुंडा रूट पर मोनो रेल
-चामुंडा मंदिर से लेकर प्राचीन हिमानी चामुंडा मंदिर तक रोपे-वे
-धर्मशाला से मैक्लोडगंज को रोप-वे से जोड़ना 
-धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना 
-धर्मशाला में आईटी पार्क व ट्यूलिप गार्डन स्थापित करना

वायदे कितने पूरे, कितने अधूरे 
- मोनो रेल योजना पर कोई काम शुरू नहीं। 
- वन विभाग से मंजूरी न मिलने के कारण चामुंडा मंदिर से हिमानी चामुंडा रोप-वे अधर में लटका  
- टीसीपी की स्वीकृति न मिलने से धर्मशाला मैक्लोडगंज रोप-वे योजना हवा हवाई। 
- धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय का पांच सालों में शिलान्यास नहीं हो पाया। जमीन उपलब्ध करवाने में ही निकल गया कार्यकाल।  
- आईटी पार्क और ट्यूलिप गार्डन भी वायदे तक सीमित।  
-धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा मिला लेकिन कोई निदेशालय और कार्यालय शिमला से शिफ्ट नहीं हो पाया। 

6652 वोट से जीते थे सुधीर 
सुधीर शर्मा ने भाजपा के किशन कपूर को 6652 वोटों से हराया था। 2012 के चुनाव में सुधीर शर्मा को 21241 वोट मिले थे। जो कुल मतदान का 44.64 प्रतिशत था।  
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बड़े प्रोजेक्टों पर नहीं हुआ कोई काम 
वर्ष 2012 में भाजपा के प्रत्याशी रहे किशन कपूर ने कहा कि शहरी विकास मंत्री धर्मशाला के लिए पांच सालों में कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं ला पाए हैं। धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा भी मोदी सरकार की देन हैं। दूसरी राजधानी बनाना कागजों तक सिमट गया है। जनता से किए गए बड़े वायदे धरातल पर नहीं उतर सके।  
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विकास कार्य के लिए हर संभव प्रयास 
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि पांच वर्षों में धर्मशाला के विकास करने के लिए हर संभव प्रयास किया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का काम लगभग पूरा हो गया है। धर्मशाला में सीयू को बीएड कालेज का नया भवन दिया गया है। हिमानी चामुंडा और मैक्लोडगंज को रोप-वे बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। धर्मशाला में प्रदेश का पहला युद्ध संग्रहालय स्थापित किया है।
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