हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार के पोते चेतन परमार के भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दुखी हैं। उन्होंने हिमाचल निर्माता को याद करते हुए कहा कि चेतन का भाजपा में जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
यह सुनकर उन्हें बहुत दुख हुआ है। हमने उस परिवार को कभी बुरा नहीं किया। हमारे बच्चों को धैर्य से काम लेना चाहिए। इस तरह से राह से भटकना नहीं चाहिए। हिमाचल प्रदेश के विकास में डॉ. वाईएस परमार का अहम योगदान रहा है।
वह संगड़ाह और सतौन में चुनावी रैली के दौरान जनसभा को संबोधित कर रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने रेणुका से कांग्रेस प्रत्याशी विनय कुमार और शिलाई के हर्षवर्धन चौहान के पक्ष में प्रचार किया। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता का प्रथम सेवक होता है।
प्रदेश में हुआ चहुंमुखी विकास
जब लोग सो जाते हैं तो यह सेवक अपने कार्यालय में बैठकर कार्य करता है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग प्रदेश, जिलों व गांव को जाति, क्षेत्रवाद व धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश करते हैं। हमें ऐसे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
प्रदेश में यदि चहुंमुखी विकास हुआ है, तो उन्हें (भाजपाइयों) को तकलीफ क्यों है। हमने प्रदेश में 78 हजार युवाओं को रोजगार प्रदान किया है। चंबा व सिरमौर जैसे दुर्गम क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज दिए। रिमौर को आईआईएम दिया, जबकि बिलासपुर को एम्स।
प्रदेश में135 महाविद्यालय खोले गए है, जिसमें तीन रेणुका चुनाव क्षेत्र में है।ं उन्होने कहा कि दुर्गम क्षेत्रो में यदि उच्च शिक्षण संस्थान नहीं खोले जाते तो हमारी बेटियां उच्च शिक्षा से महरूम रह जाती।