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चुनावी अखाड़े में अब शुरू होगा स्टार प्रचारकों का दंगल

Sat, 28 Oct 2017 12:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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नामांकन वापसी के बाद अब प्रचार की जंग छिड़ गई है। भाजपा ने मोदी-शाह के साथ अपने स्टार प्रचारकों की टीम सियासी समर में उतार दी है। उधर, कांग्रेस में सोनिया राहुल की टीम में कई बड़े चेहरे जुबानी हमले को तैयार हैं।
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मजे की बात ये है कि भाजपा में प्रचार की कमान केंद्रीय नेतृत्व के हाथ है, लेकिन कांग्रेस के  प्रचार का खाका वीरभद्र सिंह के इर्द गिर्द ही बुना जा रहा है।


अभी तक प्रचार में कांग्रेस से आगे रही भाजपा अब स्टार प्रचारकों के कार्यक्रम तय करने में भी आगे दिख रही है। पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह के दौरे तय कर दिए गए हैं। जबकि कांग्रेस में अभी कार्यक्रमों पर हाईकमान की मुहर का इंतजार है। 
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हिमाचल में मोदी मंत्र को जपेगी भाजपा
भाजपा केंद्र के सुशासन के सहारे स्टार प्रचार वार में उतरने जा रही है। प्रचार को आने वाले पार्टी के बड़े राष्ट्रीय नेता भी पीएम मोदी को आगे रखकर उनके नाम पर वोट मांगते दिखेंगे। पार्टी ने चुनावी मुद्दे तय कर दिए हैं, जिससे कांग्रेस को घेरा जाना है।

भाजपाई स्टार राहुल के बहाने वीरभद्र पर निशाना साधेंगे। कांग्रेस की ओर से जीएसटी और नोटबंदी पर होने वाले हमलों का जवाब केंद्रीय नेता देंगे। पार्टी चुनाव को केंद्र के सुशासन बनाम प्रदेश में भ्रष्टाचार पर केंद्रित रखेगी।

हर प्रत्याशी की पहली पसंद मोदी ही है, लेकिन उनकी रैलियां रणनीतिक लिहाज से तय हो रही हैं। 40 प्रचारकों में शाह के अलावा राजनाथ, योगी, स्मृति, गडकरी के अलावा प्रदेश से धूमल और नड्डा की मांग है। 

ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर कार्यक्रम तय

भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान का फार्मूला पिछले चुनावों से अलग है। भाजपा का प्रचार केंद्र मॉडल के इर्द गिर्द है बल्कि वोटरों के बीच सीएम की जगह पीएम मोदी का चेहरा दिखाया जा रहा है। 7 नवंबर तक पार्टी के सभी स्टार पीएम मोदी के सुशासन के भरोसे ही जनता के बीच वोट मांगते दिखेंगे।

पार्टी ने वीरभद्र परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले और बेल के मुद्दे के साथ खनन, तबादले, नौकरशाही का पुनर्वास, आबकारी और रोजगार के क्षेत्र को फोकस कर मुद्दे तय किये हैं। पार्टी ने गिरती अर्थव्यवस्था और जीएसटी पर पलटवार के लिए होमवर्क किया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से वहां के स्थानीय मुद्दे भी मंगवा लिए गए हैं। इन मुद्दों को आने वाले स्टार प्रचारकों के संबोधन का हिस्सा बनाया जाना है।

स्टार प्रचारकों की जनसभाओं के लिए पार्टी का फार्मूला ग्राउंड से मिलने वाली रिपोर्ट पर निर्भर करता है। पीएम मोदी की रैली कम से कम चार संसदीय क्षेत्रों होनी है। इन क्षेत्रों में भाजपा उन विस हलकों को फोकस करेगी, जहां से आस पास की कई सीटें प्रभावित होती हैं। शाह की जनसभाओं के लिए भी यही फार्मूला रखा गया है।

सबसे अधिक मांग वाले केंद्रीय नेताओं राजनाथ सिंह, योगी, स्मृति ईरानी, नितिन गडकरी शुमार हैं। इनके कार्यक्रम कांग्रेस के सिटिंग विधायकों के क्षेत्रों में अधिक लगाए जाने हैं। प्रदेश में धूमल और नड्डा के साथ शांता प्रदेश भर में चुनावी सभाएं करेंगे, लेकिन सांसद की ड्यूटी उनके क्षेत्र में होने वाली हर जनसभा में लगेगी।

चुनावी प्रबंधन में जुटी टीम
केंद्रीय नेताओं के 29 अक्तूबर से शुरू होने वाले दौरों के लिए चुनाव प्रबंधन की अलग से टीम तैनात है। पार्टी प्रदेश कार्यालय में समन्वयक तैनात कर उन्हें अलग अलग जिम्मेदारी सौंप दी गई है। प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय की अगुवाई में टीम नेताओं के कार्यक्रम स्थल, रहना और आने जाने का प्रबंधन कर रही है। हर विधानसभा से पार्टी प्रत्याशी और विधानसभा पर्यवेक्षक से फीडबैक लिया जा रहा है कि किस केंद्रीय नेता की डिमांड है। इसके बाद केंद्रीय नेताओं के मिले कार्यक्रम के हिसाब से क्षेत्र तय किये जा रहे हैं।

अब स्टार करेंगे डैमेज कंट्रोल

भाजपा ने स्टार प्रचार में बड़ा फोकस बागियों से होने वाले नुकसान पर भी रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2 नवंबर को फतेहपुर विधानसभा में रैली है, जहां प्रत्याशी कृपाल परमार के खिलाफ पार्टी के बलदेव सिंह और राजन सुशांत निर्दलीय उतरे हैं। नाहन में उनकी दूसरी जनसभा है, जिसके बगल की सीट श्री रेणुका जी है।

जहां पार्टी का बागी मैदान में है। सीएम योगी पीएम से पहले रेणुका में जनसभा करेंगे। केंद्रीय नेताओं के कार्यक्रम बगावत वाली 6 सीटों पालमपुर, रेणुका, चंबा, फतेहपुर, भरमौर पर फोकस रहेगी। इसके अलावा वीरभद्र सिंह की सीट अर्की में स्टार प्रचार की खूब चमक दिखेगी। 

यह कार्यक्रम तय
- 30 अक्तूबर के अमित शाह बनीखेत और ज्वाली में, इसके अलावा चार दिन उनका और प्रचार कार्यक्रम है।
- राजनाथ सिंह के तीन दिन के कार्यक्रम हैं, जिसमें निचले हिमाचल पर अधिक फोकस रहेगा
- 29 अक्तूबर को वित्त मंत्री जेटली शिमला आएंगे, विजन डाक्यूमेंट जारी करेंगे
- यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 को रेणुका, अर्की, हरोली और 30 को नालागढ़, डाडासीबा और नगरोटा जाएंगे
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने तीन दिन का समय दिया है, उनके शिमला और सिरमौर में कार्यक्रम होंगे
- नितिन गडकरी दो दिन प्रचार को आएंगे, स्मृति ईरानी दो दिन, उमा भारती दो दिन, मनोज तिवारी दो दिन और विजय सापला भी प्रचार को आएंगे।

सोनिया, राहुल गांधी के साथ अमरिंदर की सबसे ज्यादा मांग

विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के स्टार प्रचारक धमक देने वाले हैं। इसी बीच कांग्रेस संगठन ने सभी प्रत्याशियों से पूछा है कि प्रचार के लिए किसको कौन चाहिए? जवाब में सबसे ज्यादा मांग सोनिया गांधी और राहुल गांधी की आ रही है। इनके साथ ही अमरिंदर सिंह की भी काफी मांग है।

विशेषकर पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में उनकी रैलियां करवाने को कांग्रेस प्रत्याशी उत्सुक हैं। जब इन प्रत्याशियों से पूछा जा रहा है कि इनकी केवल सीमित रैलियां ही हो पाएंगी।

वे किसी और स्टार प्रचारक का नाम बताएं तो कई नवजोत सिंह सिद्धू, राज बब्बर, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नाम ही ज्यादा ले रहे हैं। कुछ प्रत्याशियों ने तो प्रचार के लिए राज्य सभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा को भी मांगा है। 

मतदान को करीब डेढ़ हफ्ते का वक्त बचा है। इसी बीच अब कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी हिमाचल आने शुरू हो गए हैं। राहुल गांधी की अपने हलकों में रैलियों के लिए भी कई नेताओं ने इच्छा जताई है। सोनिया और राहुल की रैलियां उन्हीं निर्वाचन क्षेत्रों में तय की जा रही है कि जहां से आसपास के कई हलकों तक असर पड़े।

कांग्रेस के यूं तो करीब तीन दर्जन से अधिक स्टार प्रचार तैयार किए गए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी घमासान के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। कई मुद्दों पर भाजपा को घेरा जाएगा।

वीरभद्र अकेले ही संभाले हैं प्रचार का मोर्चा

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में प्रचार का मोर्चा अकेले ही संभाले हुए हैं। जहां कांग्रेस सरकार के अधिकांश मंत्री और कांग्रेस के बडे़ नेता अपने ही हलकों में अस्तित्व बचाने की लड़ाई मेें धंसे हुए हैं। अर्की से नामांकन भरने के बाद वे दोबारा अपने हलके में नहीं गए, जबकि वे पूरे प्रदेश में अकेले ही चक्कर काट रहे हैं।

राजीव भवन में बनाया वार रूम, समन्वयकों की तैनाती
कांग्रेस ने शुक्रवार को राजीव भवन शिमला में वार रूम बनाया। इसमें समन्वयकों की तैनाती की। इस वार रूम में एआईसीसी समन्वयकों के रूप में हरियाणा के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह, एआईसीसी प्रवक्ता राजीव त्यागी के अलावा गौरव गोगोई, संजय बापना,

आदित्य शर्मा, रुद्र राजू, बीपी सिंह, कैप्टन संदीप संधू की तैनाती की गई है। इसी तरह से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समन्वयकों में नरेश चौहान, आईएन मेहता, महेश शर्मा, संजय सिंह, जेएन बारोवालिया की टीमें बनी हैं।

वार रूम में ही नियंत्रण कक्ष चालू किया गया है। यहां पर प्रत्याशियों की ओर से सीधे फोन किए जा सकेंगे और उन्हें प्रचार की सामग्री तथा तमाम तरह की मदद दी जाएगी। शुक्रवार को कांग्रेस की सह प्रभारी रंजीत रंजन ने इन सभी समन्वयकों की बैठक भी ली।
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मैदान छोड़ने के बाद भी विद्या स्टोक्स को बड़ी जिम्मेवारी

ठियोग विधानसभा सीट से चुनावी राजनीति को अलविदा कहने के बाद आईपीएच और बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स को पार्टी आलाकमान ने बड़ी जिम्मेवारी दी है। उन्हें प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समन्वय समिति की कमान दी गई है।

स्टोक्स को इस कमेटी की चेयरपर्सन बनाया गया है। सीएम वीरभद्र सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अलावा आनंद शर्मा, विप्लव ठाकुर, जीएस बाली, ठाकुर कौल सिंह और आशा कुमारी इस समिति के सदस्य बनाए गए हैं।

समन्वय समिति प्रदेश में चुनावी गतिविधियों में तमाम तरह के समन्वय के लिए एक प्रमुख कमेटी होती है। ये कमेटी प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की जरूरतों से लेकर कांग्रेस की तमाम चुनावी गतिविधियों में समन्वय स्थापित करेगी।
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