टिकट आवंटन से पहले भाजपा में सुलगी बगावत की चिंगारी कांग्रेस में भी प्रत्याशी सूची जारी होने के बाद भड़क गई है। भाजपा में एक दर्जन से अधिक सीटों पर असंतुष्ट नाराजगी जता रहे हैं। कुछ ने नामांकन तक भर दिया है। डैमेज कंट्रोल की कमान प्रदेश चुनाव प्रभारी थावर चंद गहलोत, प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के पास रहेगी।
कुछ बागियों को मनाने में पार्टी को कामयाबी मिली है। दूसरी तरफ कांग्रेस में शुक्रवार को चार सीटों शिमला, कांगड़ा, बिलासपुर सदर और टिकट बंटने से पहले कुटलैहड़ विधानसभा में बगावत के सुर बुलंद हो गए हैं। भाजपा के लिए जिला कांगड़ा इस बार भी चुनौती बना हुआ है। पालमपुर, फतेहपुर, ज्वाली, नूरपुर, नगरोटा, कांगड़ा और इंदौरा में बगावत की सर्वाधिक आशंका है।
फतेहपुर से पूर्व सांसद राजन सुशांत की भाजपा में वापसी नहीं हुई है। सुशांत ने शुक्रवार को बतौर निर्दलीय नामांकन पत्र भरकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांगड़ा सीट से उत्तम चौधरी ने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का एलान किया है। जवाली में भाजपा ने अर्जुन ठाकुर को टिकट दिया है।
यहां संजय गुलेरिया विरोध में खड़े हो गए हैं। नूरपुर में भाजपा प्रत्याशी राकेश पठानिया के खिलाफ रणवीर निक्का ने मोर्चा खोला हुआ है। टिकट न मिलने से खफा कांगड़ा से उत्तम चौधरी आजाद चुनाव लड़ेंगे। चंबा जिले में भरमौर और चंबा में घोषित प्रत्याशियों जिया लाल और पवन नैयर का विरोध हो रहा है।
कुल्लू के बंजार में खिमी राम टिकट कटने से नाराज हैं। मंडी जिले में मंडी सदर सीट पर कांग्रेस नेता अनिल शर्मा को टिकट देने पर नाराज खेमे को मनाया जा रहा है। हमीरपुर में सिटिंग विधायक अनिल धीमान का टिकट काट कर कमलेश को देने पर असंतोष भड़का हुआ है।
बिलासपुर के झंडूता विधानसभा क्षेत्र में सिटिंग विधायक रिखी राम के समर्थक टिकट कटने से नाराज हैं तो बिलासपुर सदर में पूर्व सांसद सुरेश चंदेल समर्थकों का नाराजगी सामने आई है। जिला शिमला में कसुम्पटी से पूर्व प्रत्याशी प्रेम सिंह समर्थक विजय ज्योति सेन को चुनाव में उतारने से नाराज हैं। सूत्रों के मुताबिक 25 अक्तूबर तक रूठों को मनाने की कसरत चलेगी। इसके बाद पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।
शिमला सहित पांच सीटों पर कांग्रेस में विरोध
टिकट आवंटन के बाद कांग्रेस में पांच विधानसभाओं में बगावत की आशंका गहरा गई है। प्रत्याशी सूची से बाहर होने वाले दावेदारों ने निर्दलीय उतरने की ताल ठोकी है। शिमला शहर में कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी हरभजन सिंह भज्जी के खिलाफ हरीश जनारथा मुखर हो गए हैं।
शुक्रवार को जनारथा ने पब्लिक मीटिंग कर विरोध जताया। बैठक के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर हाईकमान से टिकट बदलने की मांग की गई। जिले की दूसरी सीट चौपाल में भी विरोध भड़का हुआ है। कांग्रेस के जिला महासचिव धीरेंद्र सिंह चौहान ने बगावत कर चौपाल से निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है।
वह 23 अक्तूबर को बतौर निर्दलीय नामांकन भरेंगे। कांगड़ा सीट से पवन काजल को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने का स्थानीय नेता विरोध कर रहे हैं। काजल के विरोध में पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू और डॉ. राजेश शर्मा अपने समर्थकों के साथ उतरे हैं। काकू के साथ ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी भी हैं। काजल का टिकट बदलने के लिए असंतुष्टों ने 22 अक्तूबर का समय दिया है।
बिलासपुर में कांग्रेस विधायक बंबर ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चांदपुर में पूर्व विधायक तिलकराज शर्मा के साथ बैठक की। शर्मा समर्थकों ने निर्दलीय उतरने का दावा ठोका है।
इसके अलावा कुटलैहड़ विधानसभा में टिकट आवंटन से पहले विरोध की चिंगारी भड़क उठी है। बंगाणा के एक निजी होटल में कांग्रेस के कुटलैहड़ से तमाम टिकटार्थियों ने बैठक कर पार्टी हाईकमान से फैसला बदलने की मांग की। नाराज चल रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पार्टी को ही गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे डाली है।