हिमाचल के सियासी महासमर में नामांकन पत्रों की जांच के बाद 50 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र रद्द हो गए हैं। विधानसभा की 68 सीटों के लिए अब कुल 379 उम्मीदवार ही चुनावी मैदान में रह गए हैं। मंगलवार को नामांकन पत्रों की छंटनी में खामियां पाने के बाद फैसला लिया गया।
सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन कुल 476 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए थे। वीरवार तक प्रत्याशी नामांकन वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव मैदान की असल स्थिति सामने आएगी।
मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांगड़ा में सबसे ज्यादा 13 आवेदन रद्द किए गए। ऊना जिले की पांच विस सीटों से 11 नामांकन सही नहीं पाए गए। मंडी, सिरमौर, हमीरपुर और चंबा जिले में पांच-पांच आवेदन रद्द किए गए हैं।
इनका नामांकन भी हुए रद्द
सोलन और शिमला में दो-दो प्रत्याशी चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं। बिलासपुर और कुल्लू से एक-एक नामांकन खारिज किया गया है। किन्नौर और लाहौल स्पीति जिले में सभी प्रत्याशियों के आवेदन सही पाए गए हैं।
स्टोक्स के अलावा रेणुका से बसपा उम्मीदवार धर्म सिंह, नाहन से समाजवादी पार्टी के विनोद कुमार, जुब्बल कोटखाई से राष्ट्रीय आजाद मंच पार्टी के प्रत्याशी गोविंद कुमार, घुमारवीं से लोक गठबंधन पार्टी के उम्मीदवार मस्तराम और कुल्लू सदर से आजाद प्रत्याशी राजेश वशिष्ठ का भी नामांकन पत्र रद्द हुआ है।
किस जिला से कितने प्रत्याशी मैदान में
नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 379 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। कांगड़ा में अब 104 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वहीं, मंडी में 63, शिमला में 39(रामपुर को छोड़ कर), हमीरपुर में 32, चंबा में 24, सोलन में 22, सिरमौर में 21, ऊना में 28, बिलासपुर में 17, कुल्लू में 20, लाहौल स्पीति में 4 और किन्नौर में 5 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।