प्रदेश कर्मचारी परिसंघ ने कांग्रेस के घोषणा पत्र पर सवाल उठाए हैं। शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में परिसंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार, शिक्षक संघ नेता एमआर पुंडीर, जीवन शर्मा, बालक राम चौहान और हरिदत्त वर्मा ने मुख्यमंत्री पर प्रदेश के कर्मचारियों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों का शोषण किया गया। अब चुनाव के समय कांग्रेस झूठी घोषणाएं कर कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। विनोद कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पांच साल तक कर्मचारियों को ठगा है।
साल 2012 में हुए चुनाव के दौरान की गई घोषणाओं को दोबारा से कांग्रेस ने इन चुनावों के घोषणापत्र में शामिल कर दिया है। घोषणापत्र में किए गए वायदे गुमराह करने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार के दौरान प्रेम कुमार धूमल ने कर्मियों के मामलों को जल्द निपटाने के लिए हाईकोर्ट को सौंपा था। लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही ट्रिब्यूनल को दोबारा मामले सौंप दिए गए।
पांच साल में 4-9-14 नहीं दिया। सातवें वेतन आयोग को लागू नहीं किया। सेवा विस्तार और पुनर्रोजगार के नियमों से छेड़छाड़ कर चहेतों की जेबें भरने का काम किया। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान लगाए गए कर्मियों को नियमित करने के लिए अनुबंध सेवाकाल की अवधि घटाई।
विनोद कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान वेतन विसंगतियों को बढ़ावा दिया। आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति बनाने की कांग्रेस की घोषणा भी झूठा वायदा है।
आउटसोर्स कर्मियों को कोई भी नियमित नहीं कर सकता है। यह भर्तियां ठेकेदारों के माध्यम से की गई हैं। उन्होंने कहा कि फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार ही प्रदेश की कांग्रेस सरकार की पांच साल की उपलब्धि रही है।