हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण 18 मार्च से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार विधायकों की ओर से अलग-अलग विभागों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर बड़ी संख्या में प्रश्न लगाए गए हैं।
अब तक राज्य विधानसभा सचिवालय को करीब 800 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें अधिकांश सवाल सड़कों, पेयजल, बिजली, विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े हैं। इन प्रश्नों के माध्यम से विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाएंगे। कई विधायकों ने अपने क्षेत्रों में सड़क निर्माण, पेयजल योजनाओं की स्थिति, विकास परियोजनाओं की प्रगति और अन्य मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
इस बजट सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 21 मार्च होगा, जब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपने कार्यकाल का चौथा बजट विधानसभा में पेश करेंगे। बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा।
इस सत्र में राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और विभिन्न वर्गों के लिए नई घोषणाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सत्र के पहले चरण में तीन बैठकें आयोजित की गई थीं, जो 16, 17 और 18 फरवरी को हुई थीं। इसके बाद लंबा अंतराल रहा और अब दूसरा चरण बुधवार से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक और सुरक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
प्रश्नकाल, शून्यकाल और बजट पर चर्चा में विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष की ओर से भी कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की फिर तैयारी की जा रही है।