साथ ही कहा कि सरकार हर हाल में नियमों का पालन करा स्कूली वाहनों को लेकर किसी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं करेगी। सिंह ने आगे कहा कि इस संबंध में नियमों को और सुधारने के लिए सदन का हर सदस्य सुझाव दे सकता है।
लेकिन विनय कुमार ने जब चालक के लाइसेंस और स्कूल की संबद्घता निरस्त करने के संबंध सवाल किया तो परिवहन मंत्री मुश्किल में पड़ गए। इसी बीच भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने नूरपुर बस हादसे का उदाहरण देते हुए सरकार पर हो रही मौतों को लेकर मौन होने की बात कह डाली।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार को निष्क्रिय बताते हुए सरकारी तंत्र की लापरवाही बताया। पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी सरकारी तंत्र की चूक बताते हुए पूछा कि जब लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने बस को पास नहीं किया तो फिर उच्चाधिकारियों ने कैसे बस को अपने स्तर से पास कर दिया।
विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष के विधायकों के हमलों के बीच वन मंत्री की मदद करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार हादसों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और हर हाल में मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।