अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने आरोप लगाया है कि अफसर कर्मचारियों में फूट डाल रहे हैं। महासंघ के चुनाव नहीं हो जाते तब तक न तो सरकार जेसीसी बुलाए और न ही अधिकारी अपने स्तर पर कर्मचारियों के साथ बैठक करें। पूर्व सरकार के चहेते अधिकारी आज महासंघ नेता को सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र का शिकार बना रहे हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला शिमला अध्यक्ष रविंद्र मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरि सिंह ठाकुर और महासचिव गोबिंद बरागटा, जिला सिरमौर के अध्यक्ष अजय जोशी, महासचिव गीतेश पराशर, सोलन जिलाध्यक्ष राकेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम मेहता और महासचिव टीकम ठाकुर का आरोप है कि बागवानी विभाग के अधिकारियों पर मुख्यमंत्री के आदेशों के विपरीत काम कर रहे हैं।
पूर्व कांग्रेस सरकार के समय के चहेते अधिकारी आज भी महासंघ के संयोजक विनोद कुमार को अपमानित कर रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महासंघ नेता की बहाली कर प्रदेश के कर्मचारियों कर मान बढ़ाया है।
पूर्व कांग्रेस सरकार में महासंघ के राज्य संयोजक विनोद कुमार ने अफसरों के भ्रष्टाचार और कर्मचारी उत्पीड़न के मामले उजागर किए थे। इसका बदला अधिकारी आज भी लेने पर तुले हुए हैं। महासंघ नेता इसकी निंदा करता है।